उत्तराखंड मौसम अपडेट: सात जिलों में तात्कालिक ऑरेंज-येलो अलर्ट, आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत
प्रतीकात्मक फोटो: उत्तराखंड में बारिश, आकाशीय बिजली और मौसम अपडेट का दृश्य
पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में तेज बारिश-आंधी का ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में ओलावृष्टि और जलभराव से जनजीवन प्रभावित
पिथौरागढ़, 12 मई 2026। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। प्रदेश के पर्वतीय जिलों में रुक-रुक कर बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने मंगलवार रात 9 बजे जारी तात्कालिक मौसम पूर्वानुमान में सात जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए तीन घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और अल्मोड़ा जिलों में हल्की बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
पिछले तीन घंटों में दीवाल और मुनस्यारी क्षेत्र में 2-2 मिलीमीटर, बागेश्वर में 1.5 मिलीमीटर, घाट में 1 मिलीमीटर तथा धारचूला समेत कई पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई।
आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत
धारचूला क्षेत्र में खराब मौसम के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार खेत गांव निवासी 35 वर्षीय तेज सिंह पुत्र मदन सिंह भेड़-बकरियां चराने और कीड़ा-जड़ी निकालने उच्च हिमालयी क्षेत्र के रपकिया तोक गए थे।
बताया जा रहा है कि खराब मौसम के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। नेटवर्क न होने के कारण साथ मौजूद ग्रामीण तत्काल प्रशासन को सूचना नहीं दे सके। मंगलवार को ग्रामीण शव को लेकर धारचूला पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि बिजली गिरने से मौत का मामला सामने आया है और पुलिस घटना की जांच कर रही है।
पिथौरागढ़ और डीडीहाट में जलभराव
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में दोपहर बाद अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी और बारिश के साथ कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। पिथौरागढ़ और डीडीहाट में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला मुख्यालय में बारिश के दौरान बैंक रोड समेत कई स्थानों पर गंदा पानी सड़कों पर बहता नजर आया। पुराना बाजार और अन्य इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। अचानक बारिश शुरू होने से खुले में व्यापार कर रहे दुकानदारों को जल्दबाजी में सामान समेटना पड़ा।
फसलों को भारी नुकसान
लगातार बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। खेतों में सुखाने के लिए रखे गए गेहूं भीगकर खराब हो गए, जबकि साग-सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
अस्कोट क्षेत्र में तेज गर्जना और घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। कद्दू, ककड़ी, मिर्च और बैंगन की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं नाचनी क्षेत्र के नामिक, गौला, समकोट, कोटा और धामी गांवों में भी किसानों की तैयार फसल बर्बाद हो गई।
सब्जी उत्पादक मनोहर सिंह बिष्ट ने बताया कि लगातार बारिश और ओलावृष्टि से आम और लीची के फलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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