Uttarakhand Disaster Update: भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 24 घंटे में 3 मौतें; चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक
उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते कई जिलों में भूस्खलन और हादसे, प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा।
24 घंटे में तीन मौतें, कई हादसे; प्रशासन अलर्ट, राहत और बचाव अभियान जारी
देहरादून, 20 जुलाई 2026। उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की सोमवार सुबह 9:30 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं और सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चम्पावत और देहरादून समेत कई जिलों में भूस्खलन, जलभराव, नदी कटाव और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
कहीं मलबा, कहीं बिजली गिरने से मौत, तो कहीं सड़क हादसे
चमोली जिले के नारायणबगड़ बाजार में देर रात भारी बारिश के कारण 6-7 दुकानों में पानी और मलबा घुस गया। प्रशासन, बीआरओ और स्थानीय टीमें राहत एवं सफाई कार्य में जुटी हैं। वहीं कुहेड़ क्षेत्र में एक गौशाला के ऊपर विशाल बोल्डर गिरने से पशुओं के दबने की सूचना मिली है, जिसके बाद राजस्व विभाग और डीडीआरएफ की टीम मौके पर रवाना कर दी गई।
पिथौरागढ़ जिले में धारचूला तहसील के पोथिला तोक में जंगल में बकरियां चरा रहे 52 वर्षीय दीवान सिंह की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। गंगोलीहाट के लाली वार्ड में भी एक मकान के पीछे की दीवार से बड़ा पत्थर घर के अंदर घुस गया। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
टिहरी जिले में प्रतापनगर-लंबगांव मोटर मार्ग पर खोलगढ़ के पास एक कार लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें चालक होशियार सिंह पंवार की मौत हो गई। ऋषिकेश-कीर्तिनगर मार्ग पर कार के ऊपर पेड़ गिरने से मेरठ निवासी एक व्यक्ति घायल हो गया।
चम्पावत जिले के टनकपुर क्षेत्र में एनएच-09 पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ। रुद्रप्रयाग के संकराड़ी-खाकरा-पीपली मार्ग पर पिकअप वाहन खाई में गिरने से तीन लोग घायल हुए, जबकि एक भैंस की मौत हो गई। सभी घायलों का उपचार श्रीनगर बेस अस्पताल में चल रहा है।
देहरादून के संतला देवी मंदिर के पास नदी के बीच बने टापू पर फंसे सात लोगों को एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। वहीं हल्द्वानी के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से एक पैदल यात्री की मौत हो गई।
हर्षिल में भागीरथी का कटाव बढ़ा, तीन परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी के बढ़ते कटाव को रोकने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा कार्य जारी है। लगभग 250 मीटर क्षेत्र में वायरक्रेट, पीसीसी और बोल्डर भराई का कार्य किया गया है। खतरे को देखते हुए तीन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। हर्षिल स्थित जीएमवीएन भवन को पहले ही बंद किया जा चुका है, जबकि थाना और पटवारी चौकी को भी अन्य सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित कर दिया गया है। भागीरथी का जलस्तर अभी चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
मौसम विभाग का अलर्ट, कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य के लिए एक रेड अलर्ट, नौ ऑरेंज अलर्ट और छह येलो अलर्ट जारी किए गए। सबसे अधिक 130 मिमी वर्षा किच्छा में दर्ज की गई। इसके अलावा मालदेवता (देहरादून), कपकोट, हाथीबड़कला, बंगापानी, नरेन्द्रनगर, तेजम, ऊखीमठ, धारचूला और नैनीताल जिले के खन्सू क्षेत्र में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
यमुनोत्री हाईवे बंद, चारधाम यात्रा एहतियातन रोकी गई
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) पालीगाड़ के पास मलबा आने से बंद हो गया है। मार्ग खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वहीं ऋषिकेश-गंगोत्री, ऋषिकेश-बद्रीनाथ, ऋषिकेश-केदारनाथ और जोशीमठ-मलारी-नीती सहित अन्य प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सामान्य बना हुआ है।
लगातार खराब मौसम और चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए सोमवार को एहतियातन चारधाम यात्रा का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। गढ़वाल आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही आगे की यात्रा शुरू कराई जाए।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। परिस्थितियां सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी। आम नागरिकों और तीर्थयात्रियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों से दूर रहें तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करें।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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