Champawat News: गुलदार के हमले में किशोर की मौत, प्रशासन अलर्ट; परिवार को 10 लाख की सहायता
वन विभाग ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
डीएम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दिए सुरक्षा के निर्देश, वन विभाग ने पिंजरा लगाया और ड्रोन से निगरानी बढ़ाई; पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता।
चम्पावत, 5 अक्टूबर 2026। लोहाघाट विकासखंड के सुंई डुंगरी गांव में गुलदार के हमले में 13 वर्षीय किशोर की मौत के बाद जिला प्रशासन और वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने घटना की रात ही लोहाघाट अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घटनास्थल का निरीक्षण कर वन विभाग को तत्काल पिंजरा लगाने के निर्देश दिए। वहीं, वन विभाग ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पिंजरे के साथ ट्रैप कैमरे और ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, चार नवंबर की शाम सुंई डुंगरी गांव निवासी हर्षित पुजारी (13) पुत्र गंगादत्त पुजारी रायकोट में आयोजित मेले से घर लौट रहा था। देर शाम करीब साढ़े छह बजे घर के लिए निकला हर्षित जब काफी देर तक नहीं पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब साढ़े नौ बजे घर से लगभग 200 मीटर दूर उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। ग्रामीण उसे तत्काल लोहाघाट अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। हर्षित कक्षा सात का छात्र था। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार रात में लोहाघाट अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा इंतजाम तत्काल करने के निर्देश दिए। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद किशोर का अंतिम संस्कार किया गया।
इधर, गुरुवार को प्रभागीय वनाधिकारी ढीनो पुरुषोत्तम और उप जिलाधिकारी लोहाघाट नीतू डांगर ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। वन विभाग की ओर से परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल प्रदान की गई।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा स्थापित कर दिया गया है। गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे और ड्रोन की मदद ली जा रही है। वन विभाग के विशेष कर्मचारियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। इसके अलावा शाम के समय गश्त बढ़ाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे विशेषकर शाम और रात के समय सतर्क रहें तथा अकेले घर से बाहर निकलने से बचें। प्रशासन और वन विभाग ने क्षेत्र में वन्यजीव की गतिविधियों की निगरानी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार, ग्राम प्रधान सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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