Champawat Accident: बनलेख में खाई में गिरी कार, एक की मौत; तीन गंभीर घायल
बनलेख सड़क हादसे के बाद घायल को अस्पताल ले जाती पुलिस, रेस्क्यू टीम और प्रशासनिक अधिकारी।
DM मनीष कुमार ने मौके पर पहुंचकर संभाला रेस्क्यू अभियान, दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

चम्पावत, 11 अगस्त 2026। राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर बनलेख के समीप मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार सवार 32 वर्षीय नरेंद्र राम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब टनकपुर से पिथौरागढ़ की ओर जा रही कार संख्या UK-05-TA-5045 अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहन टनकपुर से पिथौरागढ़ की ओर जा रहा था। मंगलवार को अपराह्न करीब 3:05 बजे एनएच-09 पर बनलेख के पास वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरा। हादसा इतना गंभीर था कि वाहन खाई में गिरने के बाद उसमें सवार लोग घायल हो गए।
दुर्घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम चम्पावत के माध्यम से जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को मिली। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल पुलिस, राजस्व, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और 108 एंबुलेंस सेवा को सक्रिय किया।
नरेंद्र राम की मौके पर मौत
हादसे में कार सवार 32 वर्षीय नरेंद्र राम पुत्र हेम राम, निवासी बांस, मेतोली, चंडाक, पिथौरागढ़ की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं हादसे में कार चालक 26 वर्षीय रोहित कुमार पुत्र जगदीश राम, 60 वर्षीय जमन राम पुत्र लक्ष्मण राम और 62 वर्षीय हरि राम पुत्र दानी राम गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायलों को रेस्क्यू के बाद तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय चम्पावत पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
पुलिस-एसडीआरएफ ने ग्रामीणों के साथ चलाया रेस्क्यू
कार के गहरी खाई में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। राजस्व विभाग और स्थानीय ग्रामीण भी राहत एवं बचाव अभियान में जुट गए। संयुक्त टीम ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच खाई में उतरकर दुर्घटनाग्रस्त वाहन तक पहुंच बनाई और घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ प्रभारी देवेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल राम सिंह धोनी, कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, किशोर सिंह एवं अमित मिश्रा ने सक्रिय भूमिका निभाई। इनके साथ होमगार्ड जवान दीपक, कमल कुमार एवं नीरज सिंह भी अभियान में शामिल रहे।
सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी
दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया तथा मौके पर मौजूद अधिकारियों से रेस्क्यू की स्थिति और घायलों के संबंध में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को घायलों को तत्काल और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान में जुटी पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, होमगार्ड और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता की सराहना की।
मौके पर एसडीएम बी.सी. पंत और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल सहित पुलिस एवं एसडीआरएफ के अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे।
दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
हादसे को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने उपजिलाधिकारी चम्पावत बी.सी. पंत को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी को दुर्घटना के कारणों, परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच कर 15 दिन के भीतर जांच आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटना के कारणों की तथ्यपरक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा घायलों के उपचार और दुर्घटना से संबंधित आवश्यक कार्रवाई पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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