Chamoli Tunnel Accident: पीपलकोटी THDC टनल में हादसा, CM धामी के निर्देश पर युद्धस्तर पर रेस्क्यू
पीपलकोटी THDC टनल में हादसे के बाद श्रमिकों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान जारी.
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को दिए त्वरित राहत-बचाव के निर्देश, NDRF-SDRF समेत कई एजेंसियां मौके पर जुटीं; टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान जारी।
चमोली, 13 अगस्त 2026। चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में मलबा और पानी आने से बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर अचानक भू-धंसाव होने से करीब 28 मजदूर अंदर फंस गए। हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया है। जानकारी के अनुसार अब तक 16 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है , जिनमें तीन लोगों की मौत की सूचना है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मौके पर राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। टनल के भीतर फंसे शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। रेस्क्यू टीमों की ओर से टनल के भीतर पहुंच बनाने और फंसे श्रमिकों तक सुरक्षित पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
टनल में मलबा और पानी आने से बिगड़े हालात
बताया जा रहा है कि पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की जल विद्युत परियोजना की टनल के भीतर अचानक मलबा और पानी आ गया, जिसके बाद वहां काम कर रहे श्रमिकों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव एजेंसियां तत्काल सक्रिय हुईं।
टनल के भीतर फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव दलों ने मोर्चा संभाला। अभियान के दौरान अब तक 16 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। वहीं, टनल में फंसे अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए अभियान लगातार जारी है।
कई एजेंसियां मौके पर, समन्वय के साथ चल रहा रेस्क्यू
घटनास्थल पर जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौजूद हैं। बचाव कार्य में उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है और टनल की स्थिति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से घटनाक्रम की जानकारी ली तथा बचाव अभियान को पूरी तत्परता और बेहतर समन्वय के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया है। उन्होंने जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
श्रमिकों को सुरक्षित निकालना प्रशासन की प्राथमिकता
हादसे के बाद प्रशासन का पूरा फोकस टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। रेस्क्यू टीमें लगातार परिस्थितियों का आकलन करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक टनल में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर झारखंड और छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की ओर से घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैसे-जैसे रेस्क्यू अभियान आगे बढ़ेगा, टनल में फंसे श्रमिकों की स्थिति और अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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