Lalkuan Crime: ब्लैकमेलिंग का खेल और विवाहिता की मौत, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार मुख्य आरोपी, पुलिस जांच जारी
आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग का आरोप, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को दबोचा
लालकुआं, 27 सितंबर 2026। मोबाइल पर शुरू हुआ संपर्क धीरे-धीरे एक ऐसे मामले में बदल गया, जिसका अंत विवाहिता की मौत के साथ हुआ। आरोप है कि आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। 6 अगस्त को विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अब इस मामले में लालकुआं पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है।
मामला ग्राम गंगापुर कबडाल, मोटाहल्दू का है। मृतका के पिता राजेंद्र प्रसाद निवासी मुक्तेश्वर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। तहरीर के मुताबिक मृतका का उसके पति के हेल्पर आशिक अली से मोबाइल के जरिए संपर्क था। आरोप है कि उसका मृतका के घर भी आना-जाना था।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सामने आया कि आशिक अली ने कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए विवाहिता को ब्लैकमेल किया। तहरीर में आरोप लगाया गया कि इस वजह से वह मानसिक रूप से प्रताड़ित हुई। पुलिस ने जांच के दौरान तकनीकी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी शामिल किया।
मामले ने उस समय एक और मोड़ लिया, जब मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि साहिब अली और देवेश गंगवार द्वारा मृतका के पति विजय पलड़िया को कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। तहरीर में यह भी कहा गया कि धमकियों के कारण विजय पलड़िया को अपने काम में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लालकुआं थाने में मुकदमा अपराध संख्या 146/2026 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 108 और 351(2) के तहत कार्रवाई की गई। मामले की विवेचना चौकी प्रभारी अर्जुन गिरी कर रहे हैं।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी आशिक अली की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने 26 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाने और भेजने में किया गया था। आरोपी को रविवार को जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशिक अली पुत्र मशरूफ अली, निवासी बेरमनगर, थाना शेरगढ़, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी गुमटी, हल्दूचौड़ के रूप में हुई है।
दो अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच
पुलिस के अनुसार साहिब अली और देवेश गंगवार के खिलाफ धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। दोनों की भूमिका और धमकी से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों की प्रकरण में संलिप्तता की जांच जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
साहिब अली पुत्र भूरे शाह निवासी बेरमनगर, थाना शेरगढ़, जिला बरेली और देवेश गंगवार निवासी लालकुआं, जनपद नैनीताल को पुलिस ने फरार बताया है।
कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में की गई। पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और क्षेत्राधिकारी लालकुआं विमल प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली लालकुआं बृजमोहन राणा के नेतृत्व में टीम ने जांच की। टीम में चौकी प्रभारी हल्दूचौड़ अर्जुन गिरी, कांस्टेबल गुरमेज सिंह और कांस्टेबल कुबेर सिंह शामिल रहे।
मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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