Uttarakhand Weather: वीकेंड पर जमकर बरसेंगे मानसूनी बादल, कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
वीकेंड पर उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी।
14 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार, कई सड़कें बंद; चारधाम यात्रा मार्ग और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता।
देहरादून, 11 जुलाई 2026। उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि भारी बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आई है, लेकिन प्रदेशभर में मौसम सुहावना बना हुआ है और तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार आगामी 14 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बीते 24 घंटे में यमकेश्वर में 70 मिमी, सौंग में 67 मिमी, रामनगर में 54 मिमी, देवाल में 53.5 मिमी, लक्सर में 48 मिमी, थलीसैंण में 41 मिमी, किच्छा में 36.5 मिमी, द्वाराहाट में 36 मिमी तथा बागेश्वर में 30 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
वीकेंड पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार (11 जुलाई) को देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, उधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश के सभी पर्वतीय जनपदों में आकाशीय बिजली चमकने और गरज के साथ तेज से अति तीव्र बारिश के दौर पड़ने की आशंका जताई गई है।
रविवार (12 जुलाई) को बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही पूरे प्रदेश में आकाशीय बिजली, गर्जन और तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई सड़कें बंद
लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन और यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। देहरादून जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक राज्य मार्ग, एक मुख्य जिला मार्ग और आठ ग्रामीण सड़कों समेत कुल 11 सड़कें अभी भी बंद हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पूरे उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 173 सड़कें बाधित हैं। सबसे अधिक 27 सड़कें पौड़ी गढ़वाल में बंद हैं। इसके अलावा देहरादून में 23, टिहरी में 22, चमोली में 21 तथा पिथौरागढ़ में 11 सड़कें अवरुद्ध हैं।
चारधाम यात्रा भी बारिश से प्रभावित हुई है। उत्तरकाशी जिले में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे का लगभग 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन के कारण वाशआउट हो गया है, जिससे मार्ग लंबे समय से बंद है। गंगोत्री हाईवे भी नालूपानी क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण बार-बार बाधित हो रहा है। वहीं चीन सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट-लिपुलेख मार्ग भी मलबा आने से बंद है। हालांकि बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिलहाल यातायात सुचारु बना हुआ है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर, प्रशासन अलर्ट पर
लगातार बारिश के कारण गंगा, भागीरथी, अलकनंदा, धौलीगंगा और यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के होटल, होमस्टे और आवासीय भवनों के भूतल तक पानी पहुंचने लगा है। वहीं हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर नदी किनारे सुरक्षात्मक दीवारों और पुश्तों के निर्माण कार्य तेज कर दिए गए हैं।
ऋषिकेश और हरिद्वार में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। प्रमुख घाटों तक पानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उधम सिंह नगर के खटीमा, सितारगंज और रुद्रपुर समेत मैदानी क्षेत्रों में भी तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
14 जुलाई तक राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई को बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। 14 जुलाई को देहरादून, चंपावत, नैनीताल और पिथौरागढ़ में फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जबकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। 15 और 16 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव, छोटे नालों और बरसाती गधेरों के उफान, भूस्खलन तथा सड़कें बाधित होने की आशंका जताई है। प्रशासन ने संबंधित जिलों को सतर्क रहने, आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट मोड पर रखने तथा लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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