Uttarakhand News: पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल का निधन, प्रदेश में शोक
पूर्व विधायक और उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता डॉ. नारायण सिंह जंतवाल (फाइल फोटो)
राज्य आंदोलन में निभाई अहम भूमिका, उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष रहे डॉ. जंतवाल; 2002 में नैनीताल से बने थे विधायक।
नैनीताल, 7 नवंबर 2026। उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और राज्य आंदोलनकारी डॉ. नारायण सिंह जंतवाल का शनिवार को 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके आकस्मिक निधन की खबर से नैनीताल समेत पूरे कुमाऊं और प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक संगठनों तथा राज्य आंदोलनकारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
डॉ. जंतवाल उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। राज्य निर्माण के संघर्ष में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और आंदोलन के दौरान जेल भी गए। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने क्षेत्रीय अस्मिता, पहाड़ के विकास और जनहित के मुद्दों को हमेशा प्रमुखता से उठाया। वह उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष और बाद में संरक्षक भी रहे।
वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नैनीताल सीट से जीत दर्ज की और विधायक के रूप में विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। अपने राजनीतिक जीवन में वह स्थायी राजधानी गैरसैंण, मूल निवास, भू-कानून, पलायन और रोजगार जैसे मुद्दों पर मुखर रहे। ‘नशा नहीं, रोजगार दो’ और वनाधिकार सहित विभिन्न जन आंदोलनों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही।
हाल ही में उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से गैरसैंण राजधानी समेत विभिन्न मांगों को लेकर निकाली गई यात्रा में भी वह शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने गैरसैंण, चौखुटिया और द्वाराहाट सहित विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी।
शैक्षिक और विधिक क्षेत्र में भी डॉ. जंतवाल की विशिष्ट पहचान रही। एमए, एलएलबी और पीएचडी की शैक्षिक योग्यता रखने वाले डॉ. जंतवाल पेशे से अधिवक्ता भी थे। विधायक रहते हुए उन्होंने नैनीताल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सिंचाई तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को विधानसभा में उठाया।
बताया गया कि वह नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली गए थे, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उनके पार्थिव शरीर को नैनीताल लाया जा रहा है। वह अपने पीछे पत्नी सावित्री जंतवाल, जो कुमाऊं विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं, और दो बेटियों को छोड़ गए हैं।
डॉ. नारायण सिंह जंतवाल के निधन को उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति, राज्य आंदोलन और नैनीताल के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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