Earthquake News: उत्तराखंड में भूकंप के झटके, इस जिले में 3.5 तीव्रता से हिली धरती
धारचूला क्षेत्र में शुक्रवार शाम भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए।
नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़ के धारचूला में आया भूकंप, 10 किलोमीटर गहराई में था केंद्र; किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं।
पिथौरागढ़, 7 नवंबर 2026। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र में शुक्रवार शाम भूकंप के हल्के झटकों से धरती डोल उठी। नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र धारचूला के उमचिया क्षेत्र में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया। हालांकि, इसकी तीव्रता कम होने के कारण अधिकांश लोगों को झटकों का एहसास नहीं हुआ, जबकि कुछ लोगों ने घरों के भीतर हल्का कंपन महसूस किया।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के अनुसार, भूकंप शुक्रवार, 6 नवंबर की शाम 7 बजकर 50 मिनट और 1 सेकेंड पर आया। इसकी भौगोलिक स्थिति 30.107 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.553 डिग्री पूर्वी देशांतर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में स्थित उमचिया के आसपास बताया गया है।
भूकंप के झटके महसूस होने के बाद कुछ देर के लिए क्षेत्र में हलचल रही। हालांकि, झटके हल्के होने के चलते व्यापक स्तर पर लोगों में दहशत जैसी स्थिति नहीं बनी। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, फिलहाल जिले में स्थिति सामान्य है।
भूकंप से जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, भूकंप के कारण जिले में कहीं से भी जान-माल के नुकसान या किसी तरह की क्षति की सूचना नहीं मिली है। संबंधित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बनी हुई है। राहत की बात यह है कि भूकंप की तीव्रता कम रहने के कारण किसी बड़े नुकसान की आशंका सामने नहीं आई।
भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है उत्तराखंड
हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील राज्यों में शामिल है। प्रदेश के पर्वतीय जिलों में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। हिमालयी भूगर्भीय संरचना और सक्रिय भ्रंश क्षेत्रों के चलते यहां भूकंपीय गतिविधियों पर लगातार नजर रखे जाने की आवश्यकता रहती है।
भूकंप की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तराखंड के बड़े हिस्से को पहले भूकंपीय जोन चार और पांच में रखा गया था। वर्ष 2025 में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की ओर से जारी नए भूकंपीय मानचित्र को लेकर जोन छह का दावा भी सामने आया है। हालांकि, भूकंपीय जोन के वर्गीकरण की आधिकारिक स्थिति और उसके तकनीकी आधार को लेकर पुष्टि आवश्यक है।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें


