नैनीताल: डीआईजी कुमाऊं ने किए बंपर तबादले , 100 उप निरीक्षक व 546 कांस्टेबल इधर से उधर
नैनीताल। लंबे समय से मैदानी क्षेत्रों में कार्य कर रहे पुलिस कर्मियों को अब दुर्गम की राह देखनी होगी। वही दुर्गम थानों में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों को सुगम क्षेत्रों में तैनाती का लाभ मिलेगा। डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने मंडल के छह जिलों से उप निरीक्षक और कांस्टेबलों के बंपर तबादले किए हैं। उनकी ओर से 100 उप निरीक्षक और 546 कांस्टेबलों के स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया है।
डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि लंबे समय से पुलिसकर्मियों की तैनाती में फेरबदल नहीं किया गया था। उनकी ओर से ग्रीष्म कालीन स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। जिसमें 100 उप निरीक्षक और 546 कांस्टेबलों की तैनाती स्थल में फेरबदल किया गया है।
बताया कि 42 उप निरीक्षकों को मैदानी जनपदों से पहाड़ भेजा गया है। जिसमें से नैनीताल से 17 और उधम सिंह नगर से 25 उपनिरीक्षक शामिल है। वही पर्वतीय जनपदों में तैनाती दे रहे 58 उप निरीक्षकों का तबादला मैदानी जनपदों में किया गया है। जिसमें अल्मोड़ा से 23, पिथौरागढ़ से 23, चंपावत से पांच और बागेश्वर से सात उप निरीक्षक स्थानांतरित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मैदानी जनपदों से 274 कांस्टेबलों को पहाड़ी जनपदों में तैनाती दी गई है। जिसमें नैनीताल से 137 और उधम सिंह नगर से 137 कर्मी शामिल है। वहीं पहाड़ों में सेवा दे रहे 272 कांस्टेबलों के तबादले मैदानी जनपदों में किए गए हैं। जिसमें अल्मोड़ा से 40, पिथौरागढ़ से 126, चंपावत से 74, बागेश्वर से 32 कांस्टेबलों के तबादले किए गए हैं। बताया कि स्थानांतरण सूची जारी होने के बाद स्थानांतरित कर्मियों को संबंधित जनपदों में तत्काल तैनाती के आदेश दिए गए हैं।






मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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