Haldwani News: ज्योलिकोट में जलजनित बीमारी पर प्रशासन अलर्ट, इलाज से लेकर शुद्ध पेयजल तक बढ़ाई निगरानी
हल्द्वानी के अस्पतालों में ज्योलिकोट के मरीजों का हालचाल लेते सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डे
ज्योलिकोट क्षेत्र में 105 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, 72 ब्लड और पानी के 7 सैंपल लिए गए; 110 परिवारों को करीब 15,500 लीटर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति

हल्द्वानी/नैनीताल, 10 सितंबर 2026। ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में जलजनित बीमारी के मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और उत्तराखण्ड जल संस्थान ने निगरानी और आवश्यक कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने हल्द्वानी के विभिन्न चिकित्सालयों में भर्ती ज्योलिकोट क्षेत्र के मरीजों का हालचाल जाना और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया।
मुख्य विकास अधिकारी ने उजाला सिग्नस हॉस्पिटल, नीलकंठ हॉस्पिटल, वात्सल्य मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल तथा चंदन हॉस्पिटल का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों के उपचार की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित चिकित्सालयों के चिकित्सा अधीक्षकों और मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन चिकित्सालयों में आयुष्मान कार्ड की सुविधा निर्धारित है, आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उन्हीं पैनल्ड चिकित्सालयों में रेफर किया जाए, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आर्थिक परेशानी न हो।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी, 105 लोगों की जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्वास्थ्य परीक्षण, सर्वे और दवा वितरण कर रही हैं। गुरुवार को क्षेत्र में 105 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और 72 ब्लड सैंपल लिए गए। इसके अलावा पानी के 7 सैंपल भी जांच के लिए लिए गए।
स्वास्थ्य टीमों ने आवश्यकता के अनुसार दवाएं, ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां वितरित कीं तथा लोगों को जलजनित रोगों से बचाव के संबंध में जानकारी दी।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को घर के समीप उपलब्ध कराने के लिए सचल चिकित्सा वाहन भी तैनात किया गया है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक जांच, दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट की ओपीडी पर्ची भी निःशुल्क कर दी गई है।
ज्योलिकोट में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 10 सितंबर को नीलकंठ हॉस्पिटल के डॉ. मेघा रखोलिया और डॉ. सलीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में ओपीडी की। 11 सितंबर को बृजलाल हॉस्पिटल हल्द्वानी की गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. श्रेया नेगी और साईं हॉस्पिटल हल्द्वानी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन सती ओपीडी सेवाएं देंगे।
गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट और भल्यूटी-चोपड़ा में भी स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जहां कुल 380 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
जल संस्थान ने 110 परिवारों को पहुंचाया शुद्ध पेयजल
ज्योलिकोट क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखण्ड जल संस्थान ने भी व्यापक कार्रवाई की। विभागीय टैंकरों और पिकअप के माध्यम से ज्योलिकोट के रामलीला मैदान, डाक बंगला, ज्योलिकोट मार्केट तथा बेलुवाखान के अमुवा तोक और गांजा तोक के 110 परिवारों को करीब 15,500 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया।
देवलदुंगा की 500 मीटर पेयजल लाइन की फ्लैशिंग की गई। छीड़ा तोक की मुख्य पेयजल लाइन की फ्लैशिंग के बाद उसे टैंकर के माध्यम से जोड़कर पेयजल आपूर्ति की गई। पेयजल से संबंधित प्राप्त 14 शिकायतों का भी निस्तारण किया गया।
जल संस्थान की टीम ने ज्योलिकोट रामलीला मैदान और दुर्गापुर वीरभट्टी स्रोत से पेयजल के नमूने लिए। शेरमुख स्रोत की जांच कर सफाई कराई गई तथा विभिन्न स्थानों से 8 पेयजल नमूने एकत्र किए गए। सरियाताल वीरभट्टी की पुरानी पेयजल लाइन की जांच में संतोषजनक क्लोरीनेशन पाया गया।
बेलुवाखान के अमुवा और गांजा तोक में पेयजल आपूर्ति सुचारु रखने के लिए पाइपलाइन की मरम्मत और टैंकों में क्लोरीनेशन कराया गया। वीरभट्टी क्षेत्र के जलपान गृहों को भी शुद्ध पेयजल के संबंध में जागरूक कर हाइपोक्लोराइड उपलब्ध कराया गया।
सीवरेज लाइन के बाईपास का काम भी जारी
दुर्गापुर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर प्रेमा जगाती सरस्वती विहार स्कूल के समीप पूर्व में सामने आए रिसाव की स्थायी रोकथाम के लिए 100 मीटर मुख्य सीवर लाइन के बाईपास का कार्य कराया जा रहा है। दूषित जल की रोकथाम के लिए सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता सामग्री भी लगाई गई है।
जल जीवन मिशन के तहत बसानी/डाबर स्रोत से निर्मित 100 किलोलीटर क्षमता वाले टैंक को मुख्य लाइन से जोड़कर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने के लिए भी निरीक्षण किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
ज्योलिकोट और समीपवर्ती क्षेत्रों में दूषित पेयजल से बीमारी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में गहन सर्वेक्षण, स्वास्थ्य शिविर, चिकित्सा परीक्षण, उपचार और दवा वितरण में तेजी लाने के साथ जिला प्रशासन तथा पेयजल विभाग के साथ समन्वय कर जलजनित बीमारियों के नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से पानी को अच्छी तरह उबालकर पीने, स्वच्छता का ध्यान रखने और स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा स्वास्थ्य टीम से संपर्क करने की अपील की है। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर सीधे सीएमओ से संपर्क करने की अपील भी की है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और निगरानी का कार्य जारी रखे हुए हैं।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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