हल्द्वानी: फार्मेसिस्ट ने महिला डॉक्टर का सिर फोड़ा और उठा लिया यह आत्मघाती कदम
हल्द्वानी। फार्मासिस्ट द्वारा चिकित्साधिकारी के ऊपर हमला करने की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक राजकीय पशु चिकित्सालय कुंवरपुर में तैनात पशु चिकित्साधिकारी पर उनके ही फार्मासिस्ट ने हमला कर दिया। सिर में लकड़ी से वार करने पर पशु चिकित्साधिकारी लहूलुहान हो गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया हैं। घटना के बाद फार्मासिस्ट ने भी जहर खा लिया है। जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

कमलुवागांजा निवासी विनीता टोलिया जंगपांगी ने बताया कि वह राजकीय पशु चिकित्सालय कुंवरपुर में पशु चिकित्सा अधिकारी है। अस्पताल में भुवन चंद्र पंत नाम का शख्स फार्मेसिस्ट है। उनका कहना है कि फार्मासिस्ट कुछ काम नहीं करता है। इसके लिए उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक दिन पहले विभागीय अधिकारी ने भुवन को बुलाया और ट्रांसफर होने की जानकारी दी। इससे भुवन आक्रोशित हो गया।
पशु चिकित्साधिकारी के मुताबिक शनिवार को सुबह 10:00 बजे वह अस्पताल पहुंची। इस बीच भुवन आक्रोशित होकर उनके ऑफिस में आया और हाथ में फंटी लेकर सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद उनके पति मौके पर पहुंचे और अस्पताल लेकर आए। जहां उनका इलाज चल रहा है। इधर, फार्मासिस्ट ने हमले के बाद जहर खा लिया। एसओ प्रमोद पाठक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
अपडेट: फार्मेसिस्ट की उपचार के दौरान मौत
दोनों पक्षों ने पुलिस को सौंपी तहरीर
हल्द्वानी। अस्पताल में भर्ती फार्मासिस्ट की उपचार के दौरान मौत हो गई है। जिसके उपरांत दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में पहली रिपोर्ट कुंवरपुर गौलापार की पशु चिकित्साधिकारी डा. विनीता टोलिया जंगपांगी की ओर से दर्ज कराई गई है। उन्होंने दी गई तहरीर में कहा है कि शनिवार सुबह जब वे अपने कार्यालय में बैठी थीं तब उनके पशु चिकित्सालय के फार्मासिस्ट भुवन चंद्र पंत ने उनके उपर हमला कर दिया। इसमें उनके सिर पर चोटें आई। चिकित्सकों को उनके सिर पर चार टांके लगाने पड़े। उन्होंने काठगोदाम पुलिस थाने में दी गई तहरीर में कहा है कि उनकी रिपोर्ट एससी ,एसटी एक्ट के तहत दर्ज की जाए।
उधर मृतक फार्मासिस्ट भुवन चंद्र पंत के बेटे आरके टैंट हाउस गली के पार्वती विहार निवासी सौरव पंत ने भी पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि उसके पिता कुंवर पुर के पशुचिकित्सालय में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत थे। आज उनका आकस्मिक निधन हो गया। सौरव का आरोप है कि उसके पिता का पशु चिकित्साधिकारी डा. विनीता टोलिया जंगपांगी काफी समय से मानसिक उत्पीड़न कर रही थीं।
उन पर विभागीय कार्य के अलावा अन्य कार्य करने के लिए दवाब बनाया जाता था। उन्हें डराया धमकाया जा रहा था। इसी वजह से वे काफी समय से अवसाद में थे।पिता की मृत्यु से उनके तीन बच्चों के सिर से पिता कासाया उठ गया है। तीनों बच्चे पढ़ रहे हैं। पुलिस ने डा. विनीता टोलिया जंगपांगी और सौरव पंत की तहरीरों के आधार पर मुकदमें दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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