Bageshwar: झिरौली मैग्नेसाइट उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार, जिलाधिकारी ने खदान व फैक्ट्री का किया निरीक्षण
बागेश्वर की झिरौली मैग्नेसाइट खदान एवं बिल्लौरी-मटेला स्थित फैक्ट्री का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे।
डीएम अपूर्वा पाण्डे ने उत्पादन बहाली और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने पर दिया जोर, कंपनी प्रबंधन को समन्वय के साथ कार्ययोजना आगे बढ़ाने के निर्देश
बागेश्वर, 24 जुलाई, 2026: जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने शुक्रवार को झिरौली मैग्नेसाइट खदान एवं बिल्लौरी-मटेला स्थित मैग्नेसाइट फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान कंपनी के प्रबंध निदेशक योगेश शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कंपनी की वर्तमान स्थिति, उत्पादन, विपणन एवं भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा जनवरी 2025 में बागेश्वर जनपद में खनन पर लगाई गई रोक कंपनी की दीर्घकालीन कानूनी पैरवी के उपरांत फरवरी 2026 में हटा दी गई। लंबे समय तक उत्पादन एवं बिक्री बाधित रहने के कारण कंपनी गंभीर आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है। वर्तमान में कंपनी में लगभग 250 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 100 से 200 स्थानीय परिवार सहकारी समितियों के माध्यम से कंपनी से जुड़े हुए हैं और उनकी आजीविका भी इसी उद्योग पर निर्भर है।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि झिरौली क्षेत्र में देश के सबसे बड़े मैग्नेसाइट भंडार स्थित हैं। कंपनी सतत एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप खनन (सस्टेनेबल माइनिंग) के लिए प्रतिबद्ध है। खदान से निकाले गए मैग्नेसाइट का परिवहन ट्रकों के माध्यम से बिल्लौरी-मटेला स्थित फैक्ट्री तक किया जाता है, जहां कैल्सीनेशन प्रक्रिया के बाद इसे देश के विभिन्न स्टील एवं रिफ्रैक्टरी उद्योगों को आपूर्ति की जाती है। इसके अतिरिक्त डेड बर्न्ट मैग्नेसाइट (DBM) की मांग उर्वरक (फर्टिलाइजर) क्षेत्र में भी बनी हुई है।
इस अवसर पर वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों ने कंपनी का रवन्ना (डिस्पैच) शीघ्र प्रारंभ किए जाने की मांग रखते हुए उद्योग के संचालन में तेजी लाने का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने कंपनी प्रबंधन एवं वर्कर्स यूनियन से आपसी समन्वय और सकारात्मक संवाद बनाए रखते हुए उद्योग को पुनः पटरी पर लाने के लिए सामूहिक प्रयास करने को कहा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बेहतर तालमेल एवं सुनियोजित कार्ययोजना के माध्यम से कंपनी पुनः उत्पादन बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को भी सुदृढ़ कर सकेगी।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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