देहरादून: डीएम का बड़ा एक्शन, नियम तोड़ने पर 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त
जिलाधिकारी सविन बंसल होमस्टे नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए
पर्यटन वेबसाइट से सभी 96 होमस्टे को हटाने की प्रक्रिया शुरू, विभागीय स्तर पर कार्रवाई तेज
ऑपरेशन सफाई के तहत 136 निरीक्षण, होटल की तरह चल रहे होमस्टे पर प्रशासन का शिकंजा; प्रथम व द्वितीय चरण में 96 इकाइयों पर कार्रवाई
देहरादून, 15 मई 2026। जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने होमस्टे संचालन पर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर की गई व्यापक जांच में मानकों के विपरीत संचालित पाए गए कुल 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79 होमस्टे शामिल हैं। इसके साथ ही इन सभी इकाइयों को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे “ऑपरेशन सफाई” के तहत गठित पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने अब तक जिलेभर में 136 होमस्टे का निरीक्षण किया। जांच में यह सामने आया कि कई होमस्टे होटल की तरह व्यावसायिक रूप से संचालित किए जा रहे थे और निर्धारित नियमों का गंभीर उल्लंघन कर रहे थे।
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर रसोई व्यवस्था का अभाव, अग्निशमन उपकरणों की अनुपलब्धता या उनकी अवधि समाप्त होना, तथा फूड लाइसेंस न होना जैसे गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके अलावा कुछ होमस्टे बारात घर या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तरह उपयोग किए जा रहे थे, जबकि कई जगहों पर स्वामी स्वयं निवास नहीं कर रहे थे और इकाइयों को लीज या किराये पर चलाया जा रहा था।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि कुछ होमस्टे में निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था तथा पूर्व में विदेशी नागरिकों के ठहराव संबंधी सी-फॉर्म जैसी आवश्यक औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया था। वहीं कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद मौके पर संचालित नहीं पाए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों की आय बढ़ाना है, लेकिन कई स्थानों पर इसका दुरुपयोग करते हुए इन्हें होटल के रूप में संचालित किया जा रहा था, जिससे क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
प्रशासन का कहना है कि नशे, ओवरस्पीडिंग और अवैध गतिविधियों की घटनाओं में वृद्धि के पीछे ऐसे कुछ होमस्टे की भूमिका भी सामने आई है, जहां रातभर अवैध गतिविधियां, डीजे और अन्य नियम विरुद्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और सभी होमस्टे की गहन जांच कर नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल महंगा, देशभर में बढ़ोतरी; उत्तराखंड में भी असर, जानें नए रेट