उत्तराखंड: कुमाऊंनी लोकगायक दीवान सिंह कनवाल का निधन, लोकसंगीत जगत में शोक की लहर
“दो दिना का ड्यार शेरुवा” सहित कई लोकप्रिय गीतों से कुमाऊंनी लोकसंगीत को दी नई पहचान
कुमाऊंनी संस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध और लोकप्रिय कुमाऊंनी लोकगायक दीवान सिंह कनवाल का बुधवार तड़के निधन हो गया। वे 65 वर्ष के थे। उन्होंने अल्मोड़ा के खत्याड़ी स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार बेतालेश्वर घाट में किया जाएगा। उनके निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख जताया है।
दीवान सिंह कनवाल जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा में सीनियर ब्रांच मैनेजर के पद से वर्ष 2021 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने स्वयं को पूरी तरह कुमाऊंनी लोकगीतों के सृजन और संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया था।
उनका लोकप्रिय गीत “दो दिना का ड्यार शेरुवा यो दुनी में, ना त्यार ना म्यार शेरुवा यो दुनी में” लोगों के बीच बेहद चर्चित रहा। उनकी आवाज़ में कुमाऊं की वादियों की मिठास, पहाड़ों की संवेदना और लोकजीवन की गहराई साफ झलकती थी।
उन्होंने “आज कु छे मेत जा”, “हिट मेरी रंगीली”, “त्यार पहाड़ म्यार पहाड़” जैसे कई गीतों के माध्यम से कुमाऊंनी लोकसंगीत को नई पहचान दिलाई। इसके अलावा उन्होंने लोकगायक एवं पत्रकार अरुण ढौंडियाल के साथ मिलकर “शेर दा अनपढ़” की यादों को ताजा करता एक भावपूर्ण गीत भी गाया था, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ।
दीवान सिंह कनवाल अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी का निधन कई वर्ष पूर्व हो चुका है। परिवार में उनकी वृद्ध माता भी हैं। बड़ा बेटा अल्मोड़ा में निजी नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा मुंबई में कार्यरत है।
उनके निधन की खबर से अल्मोड़ा सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय नागरिकों, लोक कलाकारों और कुमाऊंनी संस्कृति प्रेमियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
लोक कलाकार दीवान कनवाल के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध लोक कलाकार श्री दीवान कनवाल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री दीवान कनवाल ने उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति और लोक संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि दीवान कनवाल का निधन उत्तराखण्ड की लोक कला और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
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