चमोली- माणा हिमस्खलन रेस्क्यू युद्धस्तर पर जारी, अब तक इतने मजदूरों को बचाया .लेटेस्ट अपडेट video
चमोली। UTTARAKHAND CHAMOLI AVALANCHE UPDATE: चमोली जिले के माणा के पास शुक्रवार को हुए हिमस्खलन में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। शनिवार सुबह से ही साढ़े 7 बजे से रेस्क्यू कार्य में तेजी लाई गई है और रेस्क्यू शुरू किया गया है, दो निजी हेलीकॉप्टरों के द्वारा रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है , वहीं चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी देर रात से ही ज्योर्तिमठ सैन्य अस्पताल पहुंचकर सभी को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश भी दिए हैं, वही आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 10:30 बजे ज्योर्तिमठ पहुंचकर हेली से रेस्क्यू कार्य का निरीक्षण करेंगे और संबंधित सैनिक अधिकारियों से भी समीक्षा करेंगें।
अब तक 47 मजदूरों को सुरक्षित बचाया, बाकी 8 की तलाश जारी
उत्तराखंड में शुक्रवार को भारत-चीन (तिब्बत) सीमा क्षेत्र में माणा कैंप के पास भारी हिमस्खलन में फंसे मजदूरों की तलाश के लिए आज शनिवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सुबह से 14 और मजदूरों को सुरक्षित लाया जा चुका है, जिसके बाद अब आठ मजदूरों की तलाश की जारी है।
उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि मौसम खुलते ही माणा में रेस्क्यू शुरू किया गया। ज्योतिर्मठ से पहला हेली कुछ जवानों को लेकर रवाना हुआ। अब तक मिली जानकारी के अनुसार सुबह भारतीय सेना ने 14 और लोगों को बचाया है। कुछ को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
एवलॉन्च में 55 मजदूर दबे थे: गौरतलब है कि माणा के पास एवलॉन्च की चपेट में आने से बीआरओ के लिए काम कर रहे 55 मजदूर मलबे में दब गए थे ,इनमें से 47 मजदूरों का सेना के द्वारा रेस्क्यू कर दिया गया है, उनका सेना अस्पताल माणा में उपचार किया जा रहा है , इनमें से 6 मजदूरों को ज्योतिर्मठ सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है ,एवलॉन्च के मलबे में दबे 8 मजदूरों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

बता दें कि उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बीच शुक्रवार को भारत-चीन (तिब्बत) सीमा क्षेत्र में माणा कैंप के पास भारी हिमस्खलन हुआ था।। इस दौरान वहां निर्माण कार्य में लगे 55 मजदूर बर्फ में दब गए। शुक्रवार शाम पांच बजे तक 33 मजदूरों को सेना और आईटीबीपी के जवानों ने सुरक्षित निकाल लिया था, जबकि 22 मजदूरों का कुछ पता नहीं चल सका था। देर शाम तक इनकी तलाश की गई, लेकिन इसके बाद तेज बर्फबारी और क्षेत्र में आठ फीट तक बर्फ जमी होने से रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। मौसम साफ होने पर शनिवार सुबह फिर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है।
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