हल्द्वानी में अवैध नशा मुक्ति केंद्र पर मुकदमा, लापरवाही से नाबालिग की हालत गंभीर
अवैध नशा मुक्ति केंद्र की लापरवाही के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। फाइल फोटो।
बिना पंजीकरण चल रहे केंद्र पर लापरवाही के आरोप, किशोर वेंटिलेटर पर भर्ती
हल्द्वानी, 03 मई 2026: नैनीताल जनपद के मुखानी क्षेत्र में संचालित एक कथित अवैध नशा मुक्ति केंद्र की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। नशे की लत के उपचार के लिए भर्ती कराए गए 17 वर्षीय किशोर की हालत अचानक बिगड़ने के बाद पुलिस ने केंद्र संचालिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चिकित्सकीय जांच में किशोर के किडनी और लीवर गंभीर रूप से प्रभावित पाए गए हैं तथा उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
मां ने पुलिस को दी लिखित तहरीर
पुलिस के अनुसार, विठोरिया नंबर-1, मल्ली बमोरी, त्रिलोक नगर निवासी श्रीमती जया अधिकारी पत्नी श्री आनंद अधिकारी ने थाना मुखानी में लिखित तहरीर देकर बताया कि उनका पुत्र शुभम अधिकारी (17 वर्ष) नशे की लत से ग्रसित था। उपचार और सुधार की उम्मीद में लगभग दो माह पूर्व उसे “संकल्प नशा मुक्ति समिति” नामक केंद्र में भर्ती कराया गया था।
वादिनी के अनुसार, वह 21 तारीख को अपने पुत्र से मिलने केंद्र पहुंची थीं। उस समय उनका पुत्र सामान्य अवस्था में दिखाई दिया। लेकिन कुछ समय बाद उन्हें सूचना दी गई कि शुभम अचानक बेहोश हो गया है और उसे सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया है।
अस्पताल पहुंचने पर नहीं मिला कोई कर्मचारी
परिजनों का आरोप है कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो वहां नशा मुक्ति केंद्र का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। चिकित्सकों द्वारा जांच किए जाने पर पता चला कि किशोर की किडनी और लीवर बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं और उसकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
इस घटना के बाद परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली और उपचार प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जांच में बिना पंजीकरण संचालित मिला केंद्र
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण में मामले की जांच शुरू की गई। जांच की जिम्मेदारी उप निरीक्षक अविनाश मौर्य को सौंपी गई।
पुलिस जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित नशा मुक्ति केंद्र बिना पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था। साथ ही नाबालिग को अवैध रूप से केंद्र में रखकर उपचार किए जाने और उपचार में लापरवाही बरतने की बात भी सामने आई है।
केंद्र संचालिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने मामले में थाना मुखानी में एफआईआर संख्या 50/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 बीएनएस तथा मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम 2017 की धारा 87/108 के तहत अभियोग पंजीकृत किया है।
इस मामले में आयुषी कपिल पुत्री अरुण कपिल, निवासी खड़कपुर ईसाई नगर, लामाचौड़, थाना मुखानी को नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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