Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश का दौर, आज रेड अलर्ट; राहत कब मिलेगी?
उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश की चेतावनी, आज कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी।
उत्तराखंड में आज रेड अलर्ट, जानिए पूरे सप्ताह कैसा रहेगा मौसम
देहरादून, 20 जुलाई 2026। उत्तराखंड में मानसून अपने चरम पर पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा सोमवार सुबह 9:30 बजे जारी साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 26 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। सप्ताह की शुरुआत अत्यंत भारी वर्षा के रेड अलर्ट से हो रही है, जबकि अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली, तेज बारिश के दौर और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
सोमवार को जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
आज 20 जुलाई: 3 जिलों में रेड अलर्ट, बाकी पूरे प्रदेश में ऑरेंज चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को देहरादून, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी तथा अत्यंत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा प्रदेश के सभी अन्य जिलों में बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार तेज बारिश के चलते भूस्खलन, जलभराव, सड़क बंद होने और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है।
21 जुलाई: देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट
21 जुलाई को मौसम का प्रभाव कुछ क्षेत्रों में केंद्रित रहेगा। मौसम विभाग ने देहरादून और बागेश्वर जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और तेज बारिश के दौर की भी संभावना है।
वहीं टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
22 जुलाई: पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का खतरा
22 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना के चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा पूरे प्रदेश में आकाशीय बिजली चमकने तथा बारिश के तीव्र दौर की संभावना को देखते हुए येलो चेतावनी जारी रहेगी।
23 जुलाई: बागेश्वर-पिथौरागढ़ पर फिर फोकस
23 जुलाई को बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। शेष सभी जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है। पूरे प्रदेश के लिए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
24 जुलाई: देहरादून और नैनीताल में भारी बारिश की आशंका
24 जुलाई को मौसम विभाग ने देहरादून और नैनीताल जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम से लेकर कहीं-कहीं तेज बारिश तथा आकाशीय बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी। सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
25 और 26 जुलाई: बारिश में मिल सकती है थोड़ा राहत
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 25 जुलाई से प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है। अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
26 जुलाई को भी राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश से इनकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने दिए हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन और सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को पूरे प्रदेश की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि जहां कहीं भी भारी बारिश, भूस्खलन, सड़क बंद होने या अन्य आपदा की स्थिति उत्पन्न हो, वहां प्रशासन तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे। राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार रहें तथा प्रभावित लोगों को समय पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने अधिकारियों को सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश भी दिए हैं। चारधाम यात्रा मार्ग सहित सभी प्रमुख सड़कों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और यात्रियों से अपील की है कि मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
बारिश का असर: यमुनोत्री हाईवे सहित कई सड़कें बाधित
लगातार बारिश का असर प्रदेश के कई इलाकों में दिखाई देने लगा है। यमुनोत्री घाटी में मध्यरात्रि से हो रही लगातार वर्षा के कारण यमुनोत्री हाईवे स्यानाचट्टी सहित कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से बंद हो गया। लगातार बारिश के चलते सड़क खोलने का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
उधर कर्णप्रयाग-सिमली मार्ग पर भी बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।
चमोली जिले के नारायणबगड़ स्थित थरालीबगड़ बाजार में एक बार फिर मलबा घुसने से हाईवे बाधित हो गया। हालांकि बीआरओ ने सोमवार सुबह मलबा हटाकर मार्ग को सुचारु कर दिया। बारिश के साथ आया मलबा कई दुकानों में घुस गया, जबकि सरकारी राशन गोदाम भी आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। अस्पताल के आगे तथा जीत सिंह मार्केट क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कर्णप्रयाग क्षेत्र में रविवार रात से बिजली आपूर्ति भी बाधित है।
जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से तैयारी के निर्देश
मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासनों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
भूस्खलन संभावित स्थानों पर जेसीबी मशीनें, राहत एवं बचाव उपकरण, आवश्यक मानव संसाधन तथा अन्य संसाधनों की अग्रिम तैनाती करने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
सभी विभागों को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) के साथ समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और जोखिम वाले स्थानों से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें तथा केवल मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक एडवाइजरी का ही पालन करें। आने वाले चार से पांच दिन विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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