Uttarakhand Weather: 9 जिलों में बारिश-बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट, मानसून आगमन को लेकर बड़ा अपडेट
उत्तराखंड में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट। (प्रतीकात्मक फोटो)
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी से पिथौरागढ़ तक 9 जिलों में बारिश, आकाशीय बिजली और 50 किमी प्रतिघंटा तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी की, प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ीं लेकिन मानसून का इंतजार अभी बाकी
देहरादून, 23 जून 2026। उत्तराखंड में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार प्रदेश के नौ जिलों में बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी के संकेत हैं।
9 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार, 23 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश, आकाशीय बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इसी को देखते हुए इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्की वर्षा और गर्जन वाले बादल विकसित होने की संभावना जताई गई है।
25 जून तक यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 24 और 25 जून को भी प्रदेश के 9 जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, गर्जन और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस अवधि में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
26 जून के बाद फिर बढ़ सकता है तापमान
मौसम विभाग के अनुसार 26 जून से मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद तापमान में एक बार फिर 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मानसून अपडेट: उत्तराखंड में अभी और करना होगा इंतजार
उत्तराखंड में मानसून का इंतजार फिलहाल लंबा खिंचता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून वर्तमान में छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के आसपास सक्रिय है और उसकी प्रगति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड में मानसून के आगमन में सामान्य से 7 से 10 दिनों तक की देरी हो सकती है। ऐसे में प्रदेश में आगामी एक सप्ताह तक मानसून पहुंचने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
क्यों धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार?
मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में उत्तराखंड में 25 जून के आसपास मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाता है, लेकिन इस वर्ष बंगाल की खाड़ी में अनुकूल मौसमी सिस्टम यानी कम दबाव के क्षेत्र का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है।
इसी कारण मानसूनी हवाओं की उत्तर दिशा में बढ़ने की गति प्रभावित हुई है और मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई है।
प्री-मानसून बारिश से पहाड़ों में सुहाना मौसम
हालांकि मानसून में देरी के बावजूद प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है।
वहीं मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप और बादलों की आवाजाही के बीच उमस लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में प्री-मानसून बारिश का असर जारी रहेगा और इससे गर्मी का प्रभाव कुछ कम हो सकता है।
28 जून तक पहाड़ों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना
मौसम विभाग के दीर्घावधि पूर्वानुमान के अनुसार 28 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, गर्जन और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। विशेषकर पर्वतीय जिलों में मौसम लगातार सक्रिय रहने के संकेत हैं।
सोमवार को ऐसा रहा मौसम
सोमवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। इससे एक दिन पहले रविवार को अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
प्रदेश के अन्य मैदानी इलाकों में भी बादलों की मौजूदगी के कारण गर्मी से कुछ राहत महसूस की गई।
देहरादून का आज का मौसम
देहरादून में दिनभर आसमान साफ से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर बाद कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक वाले बादल विकसित हो सकते हैं और हल्की बारिश भी हो सकती है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों के तापमान पर नजर डालें तो सोमवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पंतनगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नई टिहरी में अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान के इन आंकड़ों से साफ है कि मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है, जबकि पर्वतीय इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुखद बना हुआ है।
उत्तराखंड में फिलहाल मानसून की औपचारिक एंट्री में देरी के संकेत हैं, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। अगले कुछ दिनों तक बारिश, गर्जन और तेज हवाओं का दौर जारी रहने से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि मानसून के लिए लोगों को अभी कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें


