Uttarakhand Weather Update: आज 6 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 132 सड़कें बंद; नदियां उफान पर
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच 6 जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी, कई सड़कें बंद और नदियों का जलस्तर बढ़ा।
लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, हरिद्वार में सबसे अधिक 127 मिमी वर्षा दर्ज
देहरादून, 7 अगस्त 2026। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। पिछले 24 घंटों के दौरान देहरादून, हरिद्वार, पिथौरागढ़, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने शुक्रवार, 7 अगस्त को भी कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं लगातार वर्षा के चलते प्रदेशभर में 132 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि गंगा समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंच गया है।
पिछले 24 घंटे में यहां हुई सबसे अधिक बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बीते 24 घंटों में हरिद्वार जिले के खानपुर में सर्वाधिक 127 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा देहरादून जिले के चकराता में 83.5 मिमी, हरिद्वार के लक्सर में 68.5 मिमी तथा नई टिहरी में 52 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त प्रदेश के कई अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं।
आज इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार, 7 अगस्त को देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के दौर, आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र वर्षा की गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों के लिए भी आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 अगस्त तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां इसी तरह सक्रिय बनी रहेंगी और अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। पर्वतीय क्षेत्रों में 10 अगस्त तक तेज बारिश की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
132 सड़कें बंद, कई क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार चार राष्ट्रीय राजमार्ग, चार राज्य राजमार्ग, एक मुख्य जिला मार्ग समेत कुल 132 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे अधिक ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं।
जिलावार स्थिति पर नजर डालें तो अल्मोड़ा में 5, बागेश्वर में 11, चमोली में 24, देहरादून में 10, नैनीताल में 9, पौड़ी में 17, पिथौरागढ़ में दो बीआरओ राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 18, रुद्रप्रयाग में 7, टिहरी में 16 तथा उत्तरकाशी में बड़कोट-विकासनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 15 सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां सभी मार्गों को जल्द खोलने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
चेतावनी स्तर पर पहुंचा नदियों का जलस्तर
लगातार बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हरिद्वार में गंगा नदी पहली बार इस मानसून सीजन में चेतावनी निशान से ऊपर बहने लगी है। गुरुवार दोपहर एक बजे गंगा का जलस्तर 293.30 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 293 मीटर से ऊपर है। खानपुर क्षेत्र में भी गंगा चेतावनी रेखा पार कर चुकी है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।
ऋषिकेश में सिंचाई विभाग के अनुसार गंगा का जलस्तर 339.90 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी रेखा से लगभग 25 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने के कारण त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
वहीं रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी, चमोली में अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर तथा पिथौरागढ़ में काली, गोरी और सरयू नदियों का जलस्तर भी खतरे के स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मुख्य सचिव ने दिए हाई अलर्ट के निर्देश
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) में समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिए कि नदियों के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा डैम और बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सूचना देकर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सतर्क किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी समय रहते अलर्ट भेजा जाए ताकि किसी भी संभावित जोखिम को कम किया जा सके। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम विभाग की प्रत्येक चेतावनी अंतिम छोर तक रहने वाले व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। जिला, ब्लॉक, तहसील और ग्राम स्तर तक सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाए रखने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया।
अत्यंत महत्वपूर्ण
7 अगस्त को देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भारी बारिश का येलो अलर्ट।
10 अगस्त तक प्रदेशभर में मानसून सक्रिय रहने की संभावना।
प्रदेश में कुल 132 सड़कें बंद, कई पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित।
हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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