Uttarakhand Weather Alert: 27 जुलाई से बारिश का बड़ा दौर, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट; आपदा प्रबंधन हाई अलर्ट पर
उत्तराखंड में 27 से 29 जुलाई तक भारी से अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट। (फाइल फोटो)
मौसम विभाग ने 27 से 29 जुलाई तक कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऑरेंज अलर्ट के बीच आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलों को हाई अलर्ट पर रखते हुए प्रशासन को पूर्व तैयारी, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
देहरादून, 25 जुलाई 2026: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने की तैयारी में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 27 से 29 जुलाई तक प्रदेश के कई पर्वतीय और मैदानी जनपदों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसून को देखते हुए राज्य सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को उच्च सतर्कता के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्रिम तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले 26 जुलाई के लिए भी उत्तरकाशी, देहरादून, पिथौरागढ़ सहित कई जनपदों में भारी बारिश और कहीं-कहीं वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
27 से 29 जुलाई तक इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जनपदों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है, जबकि टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
28 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इसके अलावा प्रदेश के अन्य सभी जनपदों में भी भारी बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तेज बारिश के दौर की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
29 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा, जबकि शेष जिलों में भी भारी बारिश और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को किया अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद शनिवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) में सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मानसून के दौरान विभिन्न जनपदों में हुई क्षति, राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को क्षति का आकलन शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर प्राप्त सूचनाओं का नियमित विश्लेषण किया जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई तथा अन्य कार्यदायी संस्थाओं को बंद पड़े सभी मार्ग, विशेषकर ग्रामीण सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने के निर्देश दिए गए।
डैम, बैराज और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
बैठक में राज्य के प्रमुख डैम और बैराजों के जलस्तर की समीक्षा भी की गई। संबंधित विभागों को जलस्तर की लगातार निगरानी रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी जिलों को पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था मजबूत रखने के लिए कहा गया।
रात्रिकालीन यात्रा पर भी रहेगा विशेष फोकस
सचिव आपदा प्रबंधन ने पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यकता पड़ने पर रात्रिकालीन वाहन संचालन को नियंत्रित अथवा प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए, ताकि भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक जोखिमों से जनहानि को रोका जा सके। चारधाम यात्रा के दौरान प्रत्येक धाम में रात्रि विश्राम कर रहे श्रद्धालुओं की दैनिक जानकारी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।
कैलाश मानसरोवर और कांवड़ यात्रा की भी समीक्षा
बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए यात्रा दलों की वर्तमान स्थिति, मार्गों की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली गई। वहीं कांवड़ यात्रा को देखते हुए संबंधित जिलों को भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रतिक्रिया दलों की तैनाती, चिकित्सा सुविधाओं तथा त्वरित संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
राज्य सरकार ने आम जनता से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, प्रशासन की एडवाइजरी पर ध्यान दें तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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