उत्तराखंड: इंदिरा हृदयेश के निधन पर शोक में डूबा राज्य, पीएम व सीएम समेत इन नेताओं ने जताया दुख
नई दिल्ली/ देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश का रविवार को निधन हो गया है। उनके निधन के बाद कांग्रेस पार्टी में शाेक की लहर दौड़ पड़ी है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , कांग्रेस नेता राहुल गांधी , प्रियंका गांधी ने इंदिरा के निधन पर शोक जताया है।
आपको बता दें कि कांग्रेस संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए गई ह्रदयेश नई दिल्ली गई हुई थीं। वहां उत्तराखंड सदन में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनके पुत्र सुमित हृदयेश ने इसकी पुष्टि की है। हृदयेश की मौत से उत्तराखंड कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश की उम्र 80 साल की थी। वह उत्तराखंड की राजनीति में आयरन लेडी के नाम से प्रसिद्ध थीं।

उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत उत्तर प्रदेश से की और नेता प्रतिपक्ष के रूप में समाप्त की। इंदिरा के पार्थिव शरीर को दिल्ली से हल्द्वानी लाया जा रहा है इससे पहले उत्तराखंड सदन में इंदिरा हरदेश को कांग्रेस के तमाम नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। बता दें कि कोरोना संक्रमण के बाद से उनकी तबीयत खराब चल रही थी।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वरिष्ठ राजनेता और उत्तराखण्ड में नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिवार जनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा हृदयेश ने पिछले चार दशक से यूपी से लेकर उत्तराखंड की राजनीति में बङी भूमिका निभाई। वे एक कुशल प्रशासक, वरिष्ठ राजनीतिज्ञ व संसदीय ज्ञान की जानकार थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ” स्व० इंदिरा हृदयेश जी से मेरा परिचय दशकों पुराना रहा है। उनसे सदा मुझे बड़ी बहन जैसी आत्मीयता मिली। विधानसभा में जनहित के मुद्दे उठाने में वे सदा अग्रणी रहती थीं। मैं इस कठिन समय में उनके परिजनों व समर्थकों के प्रति अपनी सांत्वना व्यक्त करता हूँ
इसके साथ ही प्रदेश भर में एक दिन का राजकीय शोक घोषित होगा नेता प्रतिपक्ष इंदिरा जी के निधन पर होगा एक दिवसीय शोकशासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने मुख्य सचिव से फोन पर मामले में बात की है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने डॉक्टर इंदिरा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि इंदिरा_हृदयेश जी नहीं रही, सहसा इस समाचार पर विश्वास नहीं होता, कल तक हम साथ थे, कांग्रेस को उत्तराखंड में कैसे मजबूत किया जाए उसके लिए विचार विमर्श कर रहे थे, कार्य योजना बना रहे थे और अभी-अभी खबर आई है कि क्रूर काल ने इंदिरा हृदयेश जी को हमसे छीन लिया है। कांग्रेस की मूर्धन्य नेता, एक अनूठा व्यक्तित्व, संसदीय विधा की मर्मज्ञ, संघर्षरत जनता व शिक्षकों की आवाज, हल्द्वानी व उत्तराखंड की जनता की एक लगनशील सेविका और कांग्रेस की शीर्ष नेता इंदिरा हृदयेश जी, उनका जाना हम सबके लिए बहुत दु:खद है, उनके रिक्त स्थान को कोई नहीं भर सकता है। इंदिरा हृदयेश जी आप लोगों को हमेशा बहुत याद आएंगी, आपने जो अविस्मरणीय कार्य अपने मंत्रितत्वकाल में किये हैं, जिस तरीके से उत्तर प्रदेश की विधान परिषद हो या शिक्षा जगत हो उसके लिए शिक्षक नेत्री के रूप में किया है, उसे कौन भुला सकता है। हल्द्वानी की विकास की आप माँ हैं, एक विकास की माँ चले गई। कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि किन शब्दों में आपको मैं श्रद्धांजलि अर्पित करूं, किन शब्दों में आपके परिवार को, हम सब भी आपके परिवार हैं, हम एक-दूसरे को संवेदना प्रेषित करें। भगवान को शायद यही मंजूर था कि आप हमको मझधार में छोड़कर के चले गई। जिस समय कांग्रेस को आपसे मार्गदर्शन की सबसे अधिक आवश्यकता थी, उस समय आपका जाना बहुत कष्ट दे गया। इंदिरा जी आपका आशीर्वाद, हमेशा उत्तराखंड के कांग्रेसजनों के साथ रहेगा इसका मुझे पूरा विश्वास है। मैं, अपने और अपने परिवार की ओर से, अपने कांग्रेस परिवार व अपने उत्तराखंड के भाई-बहनों की ओर से, आपके लाखों प्रशंसकों जिनमें एक मैं भी हूंँ, आपको श्रद्धासुमन अर्पित करता हूंँ। भगवान, आपको अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
इधर नैनीताल -उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट ने उत्तराखंड की नेता प्रतिपक्ष के निधन पर गहरा दुख: व्यक्त करते हुए, उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की है। सांसद अजय भट्ट ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के जाने से उत्तराखंड की राजनीति को गहरा झटका लगा है लंबे समय से वह इंदिरा जी के साथ विधानसभा के सदन में रहे। अविभाजित उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक कई ऐसे मौके आए जब इंदिरा दीदी के साथ उन्हें काम करने का मौका मिला। राज्य के प्रति विकास की सोच और संसदीय कार्यों का ज्ञान उनसे हर कोई नया विधायक जनप्रतिनिधि सीखता था। सांसद अजय भट्ट ने इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य ने पहली महिला अनुभवी राजनेता को खो दिया है।
उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनके निधन से पार्टी को नुकसान पहुंचा है जिसकी भरपाई करना आसान नहीं हो पाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित पूर्व विधायकों ने भी डॉ. हृदयेश के निधन पर गहर दुख व्यक्त किया है। सांसद अनिल बलूनी ने भी डॉ. इंदिरा हृदयेश को श्रद्धांजलि दी है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी डॉ. हृदयेश के निधन पर दुख व्यक्त किया है। कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने डॉ. हृदयेश को बड़ी बहन कहते हुए कहा कि इंदिरा जी का निधन सम्पूर्ण प्रदेश-समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। शोक संतप्त परिवारजनों, समर्थकों के प्रति गहरी संवेदनायें व्यक्त की है।
वहीं दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि उत्तरप्रदेश के समय से राजनीति में डॉ. इंदिरा के अनुभवों का लाभ मिलता रहा है, आज उनके असमय चले जाने से प्रदेश को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई असंभव है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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