Uttarakhand News: राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने ‘आपके द्वार’ जनसुनवाई में सुनीं महिलाओं की समस्याएं
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने जनसुनवाई में सुनीं महिलाओं की समस्याएं।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पुलिस और संबंधित विभागों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश, महिलाओं से उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
देहरादून, 30 अक्टूबर 2026। महिलाओं की समस्याओं की सुनवाई, उनके अधिकारों की रक्षा और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों के प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार, देहरादून में ‘राष्ट्रीय महिला आयोग, आपके द्वार’ अभियान के तहत महिला जनसुनवाई आयोजित की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में 25 से अधिक मामले सामने आए, जिनमें अधिकांश घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न से संबंधित थे। अध्यक्ष ने पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनते हुए पुलिस एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों में प्रभावी कार्रवाई कर पीड़िताओं को न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं के प्रति हिंसा और उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। प्रत्येक महिला को सम्मान और समानता के साथ जीवन जीने का अधिकार है। महिलाएं आज परिवार, समाज, प्रशासन, शिक्षा और विज्ञान सहित हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद महिलाओं के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने की जरूरत है। महिलाओं के साथ भेदभाव करना, उन्हें नीचा दिखाना अथवा उनके अधिकारों से वंचित करना गलत है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी शिकायतों पर संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से विभिन्न हेल्पलाइन और सहायता तंत्र संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कई महिलाएं इनका लाभ नहीं उठा पातीं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि हिंसा, उत्पीड़न अथवा संकट की स्थिति में चुप न रहें और उपलब्ध सहायता सेवाओं का उपयोग करते हुए अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं।
उन्होंने बताया कि आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112, महिला हेल्पलाइन के लिए 181 और राष्ट्रीय महिला आयोग की काउंसलिंग हेल्पलाइन के लिए 14490 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1091, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 भी उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन 7827170170 के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि काउंसलिंग हेल्पलाइन के माध्यम से उत्पीड़न का सामना कर रही महिलाओं को परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर सकें।
जनसुनवाई में महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिए संचालित विभिन्न मोबाइल ऐप की जानकारी भी दी गई। वन स्टॉप सेंटर ऐप के माध्यम से हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी मिलती है। वहीं, 112 ऐप आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस एवं अन्य सहायता सेवाओं से जुड़ने का माध्यम है। रक्षा ऐप के जरिए आपात स्थिति में एक बटन दबाकर अपनी लोकेशन परिजनों और करीबी लोगों के साथ साझा की जा सकती है, जिससे तत्काल सहायता प्राप्त करने में मदद मिलती है।
विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। महिला उत्पीड़न के मामलों में परिवार, समाज, पुलिस और संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि पीड़िता को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।
कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, पुलिस महानिरीक्षक निलेश भरणे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून परमेंद्र डोभाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी, बाल कल्याण समिति एवं वन स्टॉप सेंटर की अधीक्षिकाओं सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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