Kedarnath Yatra: केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा आने से यात्रा बाधित , रास्ता खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी
केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा आने से यात्रा अस्थायी रूप से बाधित हुई। प्रशासन रास्ता खोलने के कार्य में युद्धस्तर पर जुटा है।
गौरीकुंड से करीब एक किलोमीटर आगे छोड़ी के पास भूस्खलन से पैदल यात्रा प्रभावित, श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया; प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां बहाली कार्य में जुटीं।
रुद्रप्रयाग, 22 जुलाई 2026: केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बुधवार सुबह भारी बारिश के बीच एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई। गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छोड़ी के समीप केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर और मलबा आने से यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और राहत एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं तथा मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं सफाई अभियान शुरू कर दिया गया।
जिला सूचना कार्यालय के अनुसार सुबह 6:01 बजे जिला आपदा परिचालन केंद्र को सूचना मिली कि छोड़ी के पास पैदल मार्ग पर भारी मात्रा में पत्थर और मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हो गई है। सूचना मिलते ही सेक्टर अधिकारी गौरीकुंड को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन ने बताया कि संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने, मार्ग को सुरक्षित बनाने और यात्रा को शीघ्र बहाल करने में जुटी हुई हैं। मशीनों और मानव संसाधनों की मदद से मार्ग खोलने का कार्य लगातार जारी है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर DDRF, YMF, आपदा मित्र, MPF और पुलिस की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं सुरक्षा कार्यों में लगी हुई हैं। इसके अलावा NDRF और SDRF की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनकी सेवाएं ली जा सकें।
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना और दिशा-निर्देशों का ही पालन करें तथा किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही केदारनाथ पैदल यात्रा दोबारा शुरू कराई जाएगी।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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