Haldwani News: 17 वर्षीय प्रियांशु की दर्दनाक मौत, गौला नदी से दूसरे दिन मिला शव; परिवार में मचा कोहराम
गौला नदी में लापता 17 वर्षीय प्रियांशु का शव दूसरे दिन एसडीआरएफ ने सर्च अभियान के दौरान बरामद किया।
रविवार शाम ड्राइंग का सामान खरीदने की बात कहकर घर से निकला था किशोर, गौला पुल के पास हुआ लापता; SDRF ने दूसरे दिन सघन सर्च अभियान के बाद नदी से शव बरामद किया, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस।
हल्द्वानी, 06 जुलाई 2026। नैनीताल जिले के हल्द्वानी में 17 वर्षीय किशोर प्रियांशु बिष्ट की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। रविवार शाम गौला नदी में लापता हुए किशोर का शव सोमवार सुबह राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद बरामद कर लिया। बेटे के शव के मिलने की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह जानने का प्रयास कर रही है।
जानकारी के अनुसार, हाथीखाल, मोतीनगर (बरेली रोड) स्थित जगदंबा कॉलोनी निवासी प्रियांशु बिष्ट, गोबिंद सिंह बिष्ट का पुत्र था। रविवार शाम करीब पांच बजे वह घर से यह कहकर निकला था कि उसे ड्राइंग का सामान खरीदना है। परिजनों का कहना है कि घर में किसी तरह का विवाद, डांट-फटकार या तनाव जैसी कोई बात नहीं थी। ऐसे में यह घटना पूरे परिवार के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।
बताया जा रहा है कि घर से निकलने के बाद प्रियांशु सीधे बनभूलपुरा क्षेत्र स्थित गौला पुल पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह कुछ देर तक पुल पर अकेले टहलता रहा। उसकी गतिविधियां देखकर आसपास मौजूद लोगों को कुछ आशंका हुई और उन्होंने उसे समझाने की कोशिश भी की, लेकिन इससे पहले कि कोई उसे सुरक्षित पकड़ पाता, वह नदी में चला गया। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी के तेज बहाव और गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके तुरंत बाद पुलिस और SDRF को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। उप निरीक्षक मनोज रावत के नेतृत्व में SDRF की टीम ने रस्सियों, कांटों और डीप डाइविंग उपकरणों की मदद से नदी में व्यापक सर्च अभियान शुरू किया। करीब 15 फीट गहराई तक खोजबीन की गई और आसपास के संभावित स्थानों पर भी लगातार तलाश जारी रही। हालांकि तेज बहाव, बारिश, मटमैले पानी और अंधेरा होने के कारण रविवार देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिल सकी, जिसके बाद अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
सोमवार सुबह SDRF ने दोबारा सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की अथक मेहनत के बाद टीम ने नदी से प्रियांशु का शव बरामद कर लिया। शव को बाहर निकालकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस बेटे के घर लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, उसकी अंतिम विदाई की तैयारी करनी पड़ेगी, यह किसी ने भी नहीं सोचा था।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस परिजनों, दोस्तों और परिचितों से पूछताछ कर रही है। इस बीच कुछ स्थानीय चर्चाओं में यह बात भी सामने आई है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर परिजनों ने उसे फटकार लगाई थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है और इसे भी जांच का हिस्सा मानते हुए सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों के बारे में कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। फिलहाल हल्द्वानी में इस दर्दनाक घटना ने हर किसी को गमगीन कर दिया है और लोग यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर एक हंसते-खेलते किशोर को ऐसा कदम उठाने की नौबत क्यों आई।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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