जागेश्वर, काकड़ीघाट और कैंची धाम में राज्यपाल ने की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि व कल्याण की कामना
कुमाऊं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में पूजा-अर्चना करते राज्यपाल गुरमीत सिंह।
वृद्ध जागेश्वर, दण्डेश्वर महादेव और कर्कटेश्वर मंदिर में किए दर्शन; कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज को नमन कर शांति, सद्भाव और लोककल्याण की प्रार्थना की।

नैनीताल, 19 जून 2026। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के प्रमुख आध्यात्मिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश, देश और समस्त मानवता के सुख, शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने अल्मोड़ा जनपद स्थित पवित्र वृद्ध जागेश्वर, दण्डेश्वर महादेव और जागेश्वर धाम में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम सहित समूचा कुमाऊं क्षेत्र उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यहां का दिव्य वातावरण श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और नई प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के तीर्थस्थल केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के संवाहक भी हैं।
इसके उपरांत राज्यपाल ने अल्मोड़ा जनपद के काकड़ीघाट स्थित ऐतिहासिक ज्ञानवृक्ष (पीपल) पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की तथा कर्कटेश्वर मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने कहा कि काकड़ीघाट आध्यात्मिक चेतना, शांति और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है, जहां स्वामी विवेकानंद की साधना से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। राज्यपाल ने ज्ञानवृक्ष के संरक्षण और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से उसके पुनर्जीवन के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
राज्यपाल ने कहा कि उन्हें उस पावन स्थल को देखने और अनुभव करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहां स्वामी विवेकानंद ने ध्यान साधना की थी। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थलों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
दौरे के अंतिम चरण में राज्यपाल विश्वप्रसिद्ध कैंची धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज के पावन आश्रम में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेश, देश और समस्त मानवता के सुख, शांति एवं कल्याण की कामना की।
राज्यपाल ने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज का जीवन सेवा, करुणा, भक्ति और मानव कल्याण के आदर्शों से परिपूर्ण रहा है। उनके विचार और संदेश आज भी समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैंची धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सेवा, आध्यात्मिक ऊर्जा और लोकमंगल का जीवंत केंद्र है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु आस्था और आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने आश्रम परिसर का अवलोकन करते हुए वहां संचालित आध्यात्मिक एवं सेवा गतिविधियों की सराहना की तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा के लिए आश्रम प्रबंधन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कामना की कि भगवान शिव और संत महात्माओं का आशीर्वाद सभी पर बना रहे तथा समाज में शांति, सद्भाव, समृद्धि और लोककल्याण की भावना निरंतर सुदृढ़ होती रहे।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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