Almora News: घर के बाहर नवविवाहिता पर बाघ का हमला, जंगल में मिला शव; गांव में दहशत
प्रतीकात्मक फोटो: अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में बाघ के हमले के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
सल्ट विकासखंड के घोड़ीधार गांव में सुबह हुई दर्दनाक घटना, काफी देर तक घर नहीं लौटने पर तलाश में जुटे परिजनों और ग्रामीणों को जंगल में मिला शव; वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, परिजनों को ₹10 लाख सहायता का ऐलान।
अल्मोड़ा, 3 अगस्त 2026। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। सल्ट विकासखंड में सोमवार सुबह घर के बाहर गोबर फेंकने निकली एक 19 वर्षीय नवविवाहिता पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। कुछ ही पल में बाघ उसे घसीटते हुए जंगल में ले गया। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की तो कुछ दूरी पर जंगल में उसका शव बरामद हुआ। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया है।
घटना सल्ट विकासखंड की डभरा सौराल ग्रामसभा के तोक घोड़ीधार की है। यहां रहने वाली शालिनी नेगी (19), पत्नी रविंद्र नेगी, सोमवार सुबह रोज की तरह घर के पास गोबर फेंकने निकली थीं। तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। शालिनी कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही बाघ उन्हें दबोचकर जंगल की ओर घसीट ले गया।
काफी देर तक शालिनी के वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। आसपास तलाश के बाद ग्रामीण भी खोजबीन में जुट गए। जंगल में कुछ दूरी पर शालिनी का शव मिला। शव के गले, कंधों और शरीर के कई हिस्सों पर बाघ के नाखूनों और हमले के गहरे निशान थे। यह दृश्य देखकर परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
दिनदहाड़े घर के पास हुई इस घटना के बाद पूरे घोड़ीधार गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब घर के आसपास भी निकलना सुरक्षित नहीं रह गया है। महिलाओं और बच्चों में सबसे ज्यादा भय है और लोगों ने शाम के बाद अकेले बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया है।
इसके बाद की कार्रवाई में वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में बाघ के हमले की पुष्टि मानी जा रही है। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है।
अल्मोड़ा के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) दीपक सिंह ने बताया कि नियमानुसार पीड़ित परिवार को ₹10 लाख की अनुग्रह सहायता दी जाएगी। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए आवश्यक सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे इस क्षेत्र में बाघ और गुलदार के हमलों की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। ग्रामीणों ने हमलावर बाघ को जल्द पकड़ने, गांव के आसपास पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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