Voter List Verification: नोटिस मिले तो घबराएं नहीं, सत्यापन कराएं; सुरक्षित रहेगा आपका मताधिकार
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के तहत नागरिकों से सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग की अपील करते जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के तहत पात्र मतदाताओं से सहयोग की अपील, 11 मान्य दस्तावेजों से होगा सत्यापन; 15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
हल्द्वानी, 03 अगस्त 2026। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जनपद नैनीताल में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR-2026) अभियान तेज़ी से संचालित किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें सत्यापन संबंधी कोई नोटिस प्राप्त होता है तो वे किसी भी प्रकार की भ्रांति या आशंका में न रहें, बल्कि निर्धारित अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला—एक विश्वसनीय और निष्पक्ष मतदाता सूची—तैयार की जा सकती है।
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम, उपनाम, आयु, पता, हिंदी एवं अंग्रेजी वर्तनी, पुराने अभिलेखों, शैक्षिक प्रमाणपत्रों तथा पारिवारिक विवरणों में पाई गई विसंगतियों के आधार पर संबंधित मतदाताओं को सत्यापन नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कई मामलों में पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान विवरण में अंतर पाए जाने के कारण भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल नोटिस जारी होने से किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। नियमानुसार सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सत्यापन के लिए ये दस्तावेज होंगे मान्य
भारत निर्वाचन आयोग ने सत्यापन के लिए 11 प्रकार के दस्तावेजों को मान्य किया है। इनमें केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, 1 जुलाई 1987 से पूर्व जारी सरकारी अथवा बैंक, डाकघर और एलआईसी के पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय के शैक्षिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी, एससी एवं एसटी प्रमाण पत्र, जहां लागू हो वहां राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि अथवा मकान आवंटन पत्र शामिल हैं।
नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए निर्धारित प्रपत्र
निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि नया नाम दर्ज कराने के लिए प्रपत्र-6, नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 तथा नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरण में संशोधन एवं स्थानांतरण के लिए प्रपत्र-8 का उपयोग किया जाएगा। पात्र अविवाहित नागरिक भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं।
राजनीतिक दलों के साथ हुई समीक्षा बैठक
सोमवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम, नोटिस वितरण, दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर तैयार प्रारूप निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जा चुकी है। 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं, जबकि 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी दावों, आपत्तियों और नोटिसों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
जनपद में 6.93 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत
बैठक में जानकारी दी गई कि नैनीताल जनपद की प्रारूप मतदाता सूची में 6,93,325 मतदाता पंजीकृत हैं। अभियान के तहत अब तक 2,35,085 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 1,51,084 नोटिस संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधुनिक तकनीक से किए गए विश्लेषण में जनपद में 1,88,054 संभावित विसंगतियां (Anomaly) तथा 47,031 No Mapping श्रेणी के मामले चिन्हित किए गए हैं। इन सभी मामलों में संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी कर जांच एवं सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने सभी राजनीतिक दलों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से रह गया हो अथवा नाम, पता, आयु, फोटो या अन्य विवरण में त्रुटि हो तो निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित प्रपत्रों के माध्यम से दावा या आपत्ति अवश्य प्रस्तुत करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक मामले का निस्तारण पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।
बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे, नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी ए.पी. बाजपेई, उप जिलाधिकारी कालाढूंगी सुधीर कुमार, तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पांडे सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें


