उच्च शिक्षा के लिए भेजा था घर से दूर, देहरादून में सामने आए मामले ने बढ़ा दी अभिभावकों की चिंता
प्रतीकात्मक तस्वीर: लिव-इन रिलेशनशिप को दर्शाती सांकेतिक फोटो।
हल्द्वानी और चमोली की दो छात्राएं तीन युवकों के साथ किराए के मकान में लिव-इन में मिलीं, सूचना मिलते ही इलाके में मचा हड़कंप।
देहरादून: हर मां-बाप की सबसे बड़ी पूंजी उसकी संतान होती है। बच्चे बेहतर भविष्य बना सकें, इसके लिए माता-पिता अपनी छोटी-बड़ी खुशियों का त्याग कर देते हैं। कोई पिता दिन-रात मेहनत करके फीस भरता है, तो कोई मां अपनी जरूरतों में कटौती कर बच्चे की हर मांग पूरी करती है। घर से दूर पढ़ने भेजते समय उनकी आंखों में सिर्फ एक ही सपना होता है कि उनका बेटा या बेटी पढ़-लिखकर परिवार का नाम रोशन करेगा। लेकिन जब उसी बच्चे से जुड़ी ऐसी खबर सामने आती है, जो परिवार की उम्मीदों को झकझोर दे, तो उस दर्द और बेबसी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सामने आया है, जिसने अभिभावकों की चिंताओं को एक बार फिर बढ़ा दिया है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुद्धोवाला इलाके में हल्द्वानी और चमोली की रहने वाली दो हिंदु युवतियां तीन मुस्लिम युवकों के साथ एक किराए के मकान में रह रही थीं। बताया जा रहा है कि दोनों छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए अपने घरों से देहरादून आई थीं और सभी एक ही शिक्षण संस्थान से जुड़े हुए हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां भीड़ जुट गई और काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर प्रेमनगर पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात को शांत कराते हुए पूरे मामले को अपने नियंत्रण में लिया।
जांच के दौरान पता चला कि सुद्धोवाला (प्रेमनगर थाना क्षेत्र) में एक किराए के मकान में तीन मुस्लिम युवकों के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही छात्राएं हल्द्वानी और चमोली की है। तीनों युवक भी छात्र हैं, जिनकी पहचान आकिब (गुरुग्राम), कबीर (मुरादाबाद) और एल्फेंस (ऊधम सिंह नगर) के रूप में हुई है। सभी एक शिक्षण संस्थान में पढ़ते हैं।
जब तीनों आरोपी युवकों के मोबाइल फोन चेक किए गए, तो उसमें युवतियों की हिजाब पहने हुए कई तस्वीरें मिलीं।
मौके पर मौजूद लोगों का दावा है कि किराए के कमरे के डस्टबिन से कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिली। वहीं युवकों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान छात्राओं के कुछ आपत्तिजनक वीडियो मिलने की भी बात सामने आई है। हालांकि पुलिस पुलिस द्वारा सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान छात्राओं ने बताया कि वे अपनी इच्छा से युवकों के साथ रह रही थीं। इसके बाद पुलिस तीनों युवकों को पूछताछ के लिए थाने ले गई और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने दोनों छात्राओं के परिजनों को देहरादून बुलाया। आवश्यक पूछताछ और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छात्राओं को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही जिस पीजी/किराए के आवास में वे रह रही थीं, उसके संचालक के खिलाफ नियमों के उल्लंघन को लेकर चालानी कार्रवाई भी की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना केवल एक पुलिस केस नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए भी एक बड़ा संदेश है, जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुनहरे भविष्य की उम्मीद में घर से दूर भेजते हैं। अभिभावकों का विश्वास और त्याग बच्चों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होता है। ऐसे में परिवारों के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए भी यह जरूरी है कि वे अपने उद्देश्य, जिम्मेदारियों और भरोसे की कीमत को समझें।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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