Uttarakhand Weather: सप्ताहभर सक्रिय रहेगा मानसून, इन चार दिनों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में मानसून सक्रिय, कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना
10 से 14 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश के आसार, 15-16 अगस्त को भी अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना।
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी हुई है। पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 16 अगस्त तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। सप्ताह के शुरुआती दिनों में कई जिलों में भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि 15 और 16 अगस्त को भी अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
लगातार बारिश के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और सड़कों पर मलबा आने की घटनाओं का खतरा बना हुआ है। वहीं मैदानी क्षेत्रों के निचले इलाकों में तेज बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
10 अगस्त को चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
सोमवार, 10 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारों के आसार हैं। देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश और गरज-चमक को लेकर येलो अलर्ट है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर के साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना है।
11 से 14 अगस्त तक इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
11 अगस्त को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत रहेगी।
12 अगस्त को देहरादून, टिहरी और बागेश्वर में भारी बारिश के आसार हैं। पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं।
13 अगस्त को टिहरी, पिथौरागढ़ और चंपावत में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और तेज बारिश को लेकर सतर्कता जरूरी होगी।
14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना है। ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार में भी गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी।
15 और 16 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
साप्ताहिक पूर्वानुमान के अंतिम दो दिनों में भी प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। 15 और 16 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि सप्ताह के शुरुआती दिनों की तुलना में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
पहाड़ों में भूस्खलन, मैदान में जलभराव का खतरा
पूरे सप्ताह मानसून सक्रिय रहने के पूर्वानुमान के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका बनी रहेगी। लगातार बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश के दौरान निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है।
इस बीच राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
सप्ताह का मौसम एक नजर में
10 अगस्त: देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में ऑरेंज अलर्ट; कई जिलों में भारी बारिश की संभावना।
11 अगस्त: आठ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, कई स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली के आसार।
12 अगस्त: देहरादून, टिहरी और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना।
13 अगस्त: टिहरी, पिथौरागढ़ और चंपावत में भारी बारिश का अनुमान।
14 अगस्त: देहरादून, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना।
15-16 अगस्त: अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का दौर जारी रहने का अनुमान।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में सप्ताहभर मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। 10 से 14 अगस्त के बीच कई जिलों में भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि 15 और 16 अगस्त को भी बारिश से पूरी तरह राहत मिलने के आसार नहीं हैं। लगातार बारिश को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने तथा मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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