Haridwar: गंगा घाटों पर देवदूत बने SDRF जवान, 21 कांवड़ियों की बचाई जान
हरिद्वार के गंगा घाटों पर SDRF जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 21 कांवड़ियों की जान बचाई।
कांगड़ा घाट पर 17, प्रेम नगर में 3 और नीलकंठ मेला क्षेत्र में एक कांवड़िए का किया रेस्क्यू; मुस्तैदी से टली बड़ी अनहोनी

हरिद्वार, 9 अगस्त 2026। कांवड़ मेले के दौरान गंगा घाटों पर बढ़ती भीड़ के बीच SDRF की टीमें लगातार मुस्तैदी के साथ रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। रविवार को विभिन्न घाटों पर स्नान के दौरान गंगा के तेज बहाव में फंसे 21 कांवड़ियों को SDRF जवानों ने समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित बचा लिया। अलग-अलग घटनाओं में SDRF की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांवड़ियों को डूबने से बचाया।
कांवड़ मेले के चलते हरिद्वार और आसपास के प्रमुख गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने और तेज बहाव की चपेट में आने की घटनाओं को देखते हुए SDRF की टीमें संवेदनशील घाटों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। रविवार को भी टीमों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से कई कांवड़ियों की जान बचाई गई।
कांगड़ा घाट पर 17 कांवड़ियों का रेस्क्यू
हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर स्नान के दौरान गंगा के तेज बहाव में फंसे 17 कांवड़ियों को SDRF टीम ने रेस्क्यू किया। टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया और सभी कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रेम नगर घाट पर तीन कांवड़ियों को बचाया
प्रेम नगर घाट पर भी स्नान के दौरान तीन कांवड़िए गंगा के बहाव में फंस गए। सूचना मिलते ही SDRF टीम सक्रिय हुई और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीनों कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
नीलकंठ मेला क्षेत्र में भी रेस्क्यू
नीलकंठ मेला क्षेत्र में भी एक कांवड़िया गंगा के बहाव की चपेट में आ गया। SDRF की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
घाटों पर SDRF की सतर्क निगरानी
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार समेत प्रमुख स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए SDRF की टीमें लगातार तैनात हैं। गंगा के तेज बहाव और जलस्तर में संभावित उतार-चढ़ाव को देखते हुए जवान घाटों पर निगरानी के साथ-साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान के लिए लगातार सतर्क कर रहे हैं।
SDRF की तत्परता के चलते रविवार को अलग-अलग घटनाओं में कुल 21 कांवड़ियों को डूबने से बचाया गया। इनमें कांगड़ा घाट से 17, प्रेम नगर घाट से तीन और नीलकंठ मेला क्षेत्र से एक कांवड़िया शामिल है।
कांवड़ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
कांवड़ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंगा घाटों पर सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में SDRF की प्रशिक्षित टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रख रही हैं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू के लिए तैयार हैं।
SDRF की सतर्कता और त्वरित रेस्क्यू कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि भीड़भाड़ वाले कांवड़ मेला क्षेत्र में प्रशिक्षित बचाव दलों की मौजूदगी कितनी महत्वपूर्ण है।
अभी तक का रेस्क्यू आंकड़ा:
रविवार को दर्ज घटनाओं में SDRF ने 21 कांवड़ियों को सुरक्षित बचाया। घाटवार आंकड़ों में कांगड़ा घाट से 17, प्रेम नगर घाट से 3 और नीलकंठ मेला क्षेत्र से 1 कांवड़िया शामिल है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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