Ramnagar Crime: गोकशी के बड़े गैंग का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; 120 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद
रामनगर में गोकशी के मामले में पुलिस की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार और प्रतिबंधित मांस बरामद।
स्लॉटर हाउस से बरामदगी के बाद सीसीटीवी और सर्विलांस से पुलिस ने खोली गैंग की कड़ियां, दो आरोपी फरार; एक अन्य आरोपी भी नामजद
नैनीताल, 9 अगस्त 2026। रामनगर में गोकशी और गौतस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित संगठित गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने 5 अगस्त को बड़ी मस्जिद के पास स्थित स्लॉटर हाउस से करीब 120 किलोग्राम प्रतिबंधित गौमांस बरामद किया था। मौके पर पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही वहां मौजूद आरोपी फरार हो गए थे। घटनास्थल से मांस काटने के औजार भी बरामद किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी।
बरामदगी के आधार पर थाना रामनगर में एफआईआर संख्या 247/2026 दर्ज कर उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक रामनगर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस ने फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और मैनुअल इनपुट के साथ सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। कई स्तरों पर की गई जांच के बाद पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
जांच में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने 9 अगस्त को पंजाबी कब्रिस्तान पुलिया के पास मालधन रोड, रामनगर में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय फैजी पुत्र रियासत अली, निवासी मीट मार्केट के पास, ब्लोकरोड़, खताड़ी, रामनगर और 24 वर्षीय अयान पुत्र नदीम, निवासी मीट मार्केट के पास, ब्लोकरोड़, खताड़ी, रामनगर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इसके अलावा पुलिस जांच में उस व्यक्ति को भी नामजद किया गया है, जिस पर आरोप है कि वह गौतस्करों को गौवंश उपलब्ध कराता था। उसकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीमें रवाना की गई हैं।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुली कड़ियां
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामला केवल एक स्थान पर प्रतिबंधित गौमांस की बरामदगी तक सीमित नहीं माना जा रहा है। जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस ने गोकशी और गौतस्करी से जुड़े एक बड़े संगठित नेटवर्क की कड़ियों को खंगालना शुरू किया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
गोकशी के खिलाफ पुलिस का सख्त अभियान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, राज्य सरकार के निर्देशों के क्रम में गोकशी और गौतस्करी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। रामनगर की इस कार्रवाई को भी इसी अभियान के तहत देखा जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जारी रहेगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश का सिलसिला जारी है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार, उपनिरीक्षक जोगा सिंह, उपनिरीक्षक बीरेन्द्र बिष्ट, कांस्टेबल संदीप सिंह, अशोक कम्बोज, संजय सिंह और संजय दोसाद शामिल रहे।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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