Dehradun: डीएम का निर्णय बदलने लगा बच्चों की तकदीर , भिक्षावृत्ति छोड़ कलम पकड़ने को आतुर बच्चे
मुख्यधारा शिक्षा से जुड़ने लगे सड़क पर घूमतु बच्चे
आधुनिक इंटेंसिव केयर शेल्टर में अन्य स्थानों से शिक्षा प्राप्त करने आने लगे बच्चे
आज विभिन्न स्थानों से 26 बच्चे आधुनिक इंटेंसिव केयर शेल्टर में ज्ञान प्राप्त करने पहुंचे
20 बालक और 6 बालिकाएं आज आधुनिक इंटेंसिव केयर शेल्टर में शिक्षा प्राप्त करने पहुंचे।

देहरादून। डीएम देहरादून सविन बंसल ने भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने हेतु आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया जिसके फलस्वरुप भिक्षावृत्ति में लिप्त तथा सड़क पर घुमंतू बच्चों को आम बच्चों की भांति मुख्य धारा शिक्षा से जोड़ा जा रहा है. बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा से जोड़ने का प्रयास सफल होता दिख रहा है अब बच्चे स्वयं ही ज्ञान प्राप्त करने हेतु इंटेंसिव केयर सेंटर में पहुंचने लगे हैं।

आज जो बच्चे शिक्षा प्राप्त करने पहुंचे उनमें 15 बच्चे रेस्क्यू किए गए थे जो अब शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तथा 11 बच्चे शिशु निकेतन से शिक्षा प्राप्त करने आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर पहुंचे।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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