उत्तराखंड: सियाचिन में तैनात कुमाऊं रेजीमेंट के जवान दीपक सिंह जेठी वीरगति को प्राप्त
पिथौरागढ़ के वीर सपूत ने देश सेवा में दी जान, अत्यधिक ठंड से बिगड़ी तबीयत; पूरे सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। दुनिया के सबसे ऊंचे और दुर्गम युद्धस्थलों में से एक सियाचिन ग्लेशियर में तैनात कुमाऊं रेजीमेंट के जवान दीपक सिंह जेठी देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए।
सोमवार को दिल्ली स्थित सैन्य अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव गणाई (ओझा मल्ला ग्राम पंचायत) सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
37 वर्षीय दीपक सिंह जेठी पिछले चार महीनों से सियाचिन की विषम परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे थे। ड्यूटी के दौरान अत्यधिक ठंड और प्रतिकूल वातावरण के कारण अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें दिल्ली के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
शहीद जवान का परिवार वर्तमान में लखनऊ में निवास करता है। जानकारी के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, जहां स्थानीय हंसेश्वर घाट पर पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दीपक सिंह जेठी अपने पीछे पत्नी रीना जेठी, पांच वर्षीय पुत्र काव्यांश और वृद्ध मां को छोड़ गए हैं। उनकी शहादत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
जिले के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। पिथौरागढ़ का यह वीर सपूत हमेशा देश की स्मृतियों में अमर रहेगा।
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