Chamoli Tunnel Rescue: मायापुर-पीपलकोटी टनल में सभी लापता श्रमिकों के शव बरामद; मृतक 10, रेस्क्यू अभियान पूरा
मायापुर-पीपलकोटी टनल हादसे के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया।
13 अगस्त के हादसे में 22 श्रमिक फंसे थे, 12 घायल पहले ही बाहर निकाले गए; सर्च ऑपरेशन के दौरान सभी 10 मृतकों के शव बरामद, कठिन परिस्थितियों में चला रेस्क्यू अभियान।
चमोली, 18 अगस्त 2026। मायापुर-पीपलकोटी के हाट-सियासैंण क्षेत्र स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद करीब पांच दिन से चल रहा सर्च एवं रेस्क्यू अभियान मंगलवार को समाप्त हो गया। टनल में फंसे एवं लापता सभी श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू अभियान के दौरान मंगलवार को अंतिम लापता श्रमिकों के शव भी बरामद कर लिए गए। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की कुल संख्या 10 हो गई है, जबकि 12 श्रमिक घायल हुए हैं।
कठिन परिस्थितियों में चला सघन सर्च ऑपरेशन
हादसे के बाद से ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, राजस्व विभाग और टीएचडीसी की टीमें लगातार संयुक्त रूप से सर्च एवं रेस्क्यू अभियान में जुटी थीं। टनल के भीतर पानी, स्लज और मलबे के कारण राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। रेस्क्यू टीमों ने उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए संभावित स्थानों पर लगातार सघन तलाशी अभियान चलाया।
मंगलवार को अभियान के दौरान बरामद किए गए अंतिम शवों को टनल से बाहर निकालकर तत्काल जिला चिकित्सालय, गोपेश्वर भेजा गया। लापता सभी श्रमिकों के बाहर निकाले जाने के साथ ही उनकी तलाश के लिए चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन भी समाप्त कर दिया गया।
पानी और स्लज हटाने में जुटीं टीमें
रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के भीतर जमा पानी और स्लज को हटाना भी बड़ी चुनौती रही। इसके लिए सक्शन पंप सहित अन्य आवश्यक उपकरणों की मदद ली गई। लगातार पानी की निकासी और मलबा हटाने के बाद रेस्क्यू टीमों को टनल के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने में मदद मिली। इसके साथ ही मशीनरी को बाहर निकालने और संभावित स्थानों की दोबारा जांच का कार्य भी किया गया।
जिलाधिकारी ने लगातार की अभियान की निगरानी
पूरे रेस्क्यू अभियान की जिलाधिकारी गौरव कुमार ने लगातार निगरानी की। जिला प्रशासन की ओर से सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया। प्रशासन की प्राथमिकता टनल में फंसे और लापता श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना थी। कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने लगातार काम करते हुए अभियान को अंजाम तक पहुंचाया।
अभियान के दौरान बाहर निकाले गए घायल श्रमिकों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। गंभीर अथवा विशेष उपचार की जरूरत वाले श्रमिकों को संबंधित अस्पतालों में भेजा गया, जबकि जिला प्रशासन की ओर से सभी प्रभावित श्रमिकों के स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाओं की लगातार जानकारी ली गई।
10 श्रमिकों की मौत, 12 घायल
13 अगस्त को हुए हादसे के समय टनल में कुल 22 श्रमिक फंसे थे। इनमें से 12 घायल श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया गया, जबकि सर्च ऑपरेशन के दौरान सभी 10 मृत श्रमिकों के शव बरामद किए गए। इसके साथ ही हादसे में लापता श्रमिकों की तलाश पूरी हो गई है।
मृतकों का विवरण
हादसे में प्रदीप पंवार पुत्र अवतार सिंह, उम्र 31 वर्ष, निवासी टिहरी गढ़वाल; मुकेश सिंह पुत्र प्रेम सिंह, निवासी चमोली; दुर्लभ शर्मा पुत्र भवानी राम शर्मा, निवासी उत्तर प्रदेश; विजय हंसदा पुत्र राम चन्द्र, निवासी उत्तर प्रदेश; जितेन्द्र कुमार पुत्र राम चन्द्र, निवासी उत्तर प्रदेश; लोकेश्वर पुत्र सोन सिंह पोयम, निवासी छत्तीसगढ़; भुनेश्वर पुत्र सुरेन्द्र कुमार, निवासी छत्तीसगढ़; लुकास टोपनो पुत्र श्री बॉससा टोपनो, निवासी झारखंड; चेतन पोयाम पुत्र श्री सोनधार पोयाम, निवासी छत्तीसगढ़ और देवनाथ पुत्र श्री धनसुराम बघेल, निवासी छत्तीसगढ़ की मौत हुई है।
घायल श्रमिकों का विवरण
हादसे में सुनील दीवान पुत्र संतोश दीवान, उम्र 20 वर्ष, निवासी छत्तीसगढ़; हारबिल गुडिया पुत्र रेजन गुड़िया, उम्र 27 वर्ष, निवासी तपरा; निस्तर भिंगरा पुत्र राफेल भिंगरा, उम्र 24 वर्ष, निवासी झारखंड; विनोद रावना पुत्र तुनिया रावना, उम्र 46 वर्ष, निवासी झारखंड; दीना बेगरा पुत्र केला बेगरा, उम्र 26 वर्ष, निवासी झारखंड; खेला राम बिसरा पुत्र मोनसा बिसरा, उम्र 22 वर्ष, निवासी झारखंड; सुबेग सिंह पुत्र वीरा सिंह, उम्र 45 वर्ष, निवासी पंजाब; तिलकराज पुत्र बुद्धीराम, निवासी हिमाचल प्रदेश; चंदन कुमार पुत्र तुलसी सिंह, उम्र 39 वर्ष, निवासी रोहतास, बिहार; पेन सिंह पुत्र पीला सिंह, उम्र 33 वर्ष, निवासी छत्तीसगढ़; रोहित पाण्डे पुत्र अवधेश पाण्डे, उम्र 20 वर्ष, निवासी बिहार तथा गोविन्दो मंडाल पुत्र परीक्षित मंडाल, निवासी पश्चिम बंगाल घायल हुए हैं। रोहित पाण्डे का उपचार बेस अस्पताल श्रीनगर में तथा गोविन्दो मंडाल का उपचार जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में चल रहा है।
सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयास से अभियान पूरा
रेस्क्यू अभियान में आईटीबीपी जोशीमठ, आईटीबीपी गौचर, सेना जोशीमठ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, राजस्व विभाग और सीआईएसएफ की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय और पूरी तत्परता के साथ कठिन परिस्थितियों में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन को आगे बढ़ाया।
13 अगस्त को विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना की निर्माणाधीन टनल में काम के दौरान अचानक ऊपर से मलबा गिरने से हादसा हुआ था। मलबे की चपेट में आने से टनल में काम कर रहे 22 श्रमिक फंस गए थे। हादसे के बाद तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया और 12 घायल श्रमिकों को पहले ही बाहर निकाल लिया गया था। इसके बाद लापता श्रमिकों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया गया।
सभी लापता श्रमिकों के शव बरामद होने और रेस्क्यू अभियान पूरा होने के साथ प्रशासन ने अभियान में जुटी सभी रेस्क्यू एजेंसियों, सुरक्षा बलों, संबंधित विभागों और कार्मिकों के समन्वित प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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