Uttarkashi News: केदारताल में लापता 8 लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी, हेलीकॉप्टर से दो बार रेकी
केदारताल में लापता आठ लोगों की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी।
भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के बीच फंसे थे 12 सदस्यीय ट्रैकिंग दल के सदस्य, चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया; NIM की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम और ड्रोन से तलाश तेज करने की तैयारी
उत्तरकाशी, 1 नवंबर 2026। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारताल ट्रैक पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के बीच लापता हुए आठ लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। लापता लोगों में सात ट्रैकर और एक गाइड शामिल हैं। एक नवंबर को हेलीकॉप्टर के माध्यम से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की दो बार हवाई रेकी की गई, लेकिन लापता लोगों अथवा उनके टेंट और सामान का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल सका। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के चलते बचाव अभियान में लगातार चुनौतियां सामने आ रही हैं।
सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर लापता ट्रैकर्स और गाइड की तलाश के लिए विशेष पर्वतारोहण टीम को अभियान में लगाया गया है। SDRF की गंगोत्री टीम पूर्व में भी केदारताल क्षेत्र में पहुंचकर रेकी कर चुकी है, लेकिन अत्यधिक बर्फबारी और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण सर्च अभियान को आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पाया था। इसके बाद हेलीकॉप्टर की मदद से हवाई सर्च कराने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में SDRF के हेड कांस्टेबल रवि चौहान और कांस्टेबल दीपक पंत हेलीकॉप्टर के माध्यम से हर्षिल पहुंचे। इसके बाद हेलीकॉप्टर ने केदारताल क्षेत्र की दो बार सघन हवाई रेकी की। हालांकि, इस दौरान लापता ट्रैकर्स या उनके टेंट आदि के कोई स्पष्ट दृश्य संकेत नहीं मिले। खराब मौसम और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण हवाई अभियान को आगे बढ़ाने में भी कठिनाई आई।
27 अक्टूबर को गंगोत्री से रवाना हुआ था 12 सदस्यीय दल
जानकारी के अनुसार, 12 सदस्यीय ट्रैकिंग दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। दल में सात ट्रैकर, एक गाइड, एक कुक और तीन पोर्टर शामिल थे। ट्रैकिंग के दौरान अचानक मौसम खराब होने से क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई और हिमस्खलन की स्थिति पैदा हो गई। इसके चलते दल के सदस्य दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में फंस गए। सूचना मिलने के बाद से ही विभिन्न बचाव एजेंसियों की ओर से उनकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
31 अक्टूबर को चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया
रेस्क्यू अभियान के दौरान 31 अक्टूबर को बचाव दल ने कच्ची ढांग के पास से तीन पोर्टर और एक कुक को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की थी। विशेष सर्च एंड रेस्क्यू टीम चारों को सुरक्षित गंगोत्री लेकर पहुंची। इनके सुरक्षित निकलने के बाद दल के शेष आठ सदस्य लापता हैं। इनमें सात ट्रैकर और एक गाइड शामिल हैं।
NIM की टीम और ड्रोन से तलाश तेज करने की तैयारी
लापता लोगों की तलाश को और प्रभावी बनाने के लिए दो नवंबर को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की पांच सदस्यीय हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को क्षेत्र में भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन की मदद से दुर्गम और बर्फ से ढके आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाने की भी योजना है। अभियान में संबंधित बचाव एजेंसियों, मेडिकल टीम और ट्रैकिंग एजेंसी के सदस्यों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
वहीं, SDRF वाहिनी मुख्यालय से एक अतिरिक्त टीम आवश्यक रेस्क्यू और पर्वतारोहण उपकरणों के साथ रवाना हो चुकी है। परिस्थितियां अनुकूल होने पर यह टीम सर्च एवं रेस्क्यू अभियान को आगे बढ़ाएगी। फिलहाल संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय से आगामी कार्ययोजना तैयार कर रही हैं।
केदारताल क्षेत्र में अत्यधिक ऊंचाई, भारी बर्फबारी, हिमस्खलन की आशंका और लगातार बदलता मौसम बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में अब सभी की नजरें दो नवंबर को प्रस्तावित जमीनी और तकनीकी सर्च अभियान पर टिकी हैं।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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