Haldwani News: नंधौर अभयारण्य में सफारी का नया सत्र शुरू, सांसद अजय भट्ट ने दिखाई हरी झंडी
नंधौर अभयारण्य में ईको-टूरिज्म सफारी सत्र का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करते सांसद अजय भट्ट।
40 नेचर गाइड और 21 पंजीकृत सफारी वाहन पर्यटन गतिविधियों से जुड़े, ईको-टूरिज्म से स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
हल्द्वानी, 1 नवंबर 2026: नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में पर्यटन सत्र 2026-27 का रविवार को शुभारंभ हो गया। चोरगलिया प्रवेश द्वार पर नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट ने ईको-टूरिज्म सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नंधौर में ईको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इसके विकास से पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के स्वागत कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी गणेश दत्त जोशी ने अभयारण्य में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक सफारी वाहनों और नेचर गाइडों का पंजीकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही अभयारण्य की समर्पित वेबसाइट विकसित करने, नए ईको-टूरिज्म ट्रेल तैयार करने तथा क्षेत्र की पक्षी एवं जैव विविधता को संकलित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चन्द्र तिवारी ने नंधौर वन्यजीव अभयारण्य की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अभयारण्य में बाघ, हाथी, तेंदुआ, भालू, सांभर, घुरल और मोर सहित अनेक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। इसके अलावा यहां विभिन्न प्रकार के साल वन, वनस्पतियां, पक्षी प्रजातियां और तितलियां भी पाई जाती हैं। दुर्लभ पक्षी ब्लैक बाजा की मौजूदगी भी इस क्षेत्र को विशेष पहचान देती है।
उन्होंने कहा कि नंधौर वन्यजीव अभयारण्य का उद्देश्य वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करने के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी से प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना है। इससे क्षेत्र में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
सांसद अजय भट्ट ने वन विभाग की ओर से सफारी मार्गों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले पूरा करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि नंधौर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन संपदा और पक्षी विविधता के कारण पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां ईको-टूरिज्म को विकसित कर पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक साथ मजबूती दी जा सकती है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि अभयारण्य के विकास, ईको-टूरिज्म के विस्तार और स्थानीय युवाओं, नेचर गाइडों तथा सफारी वाहन संचालकों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन गतिविधियों का संचालन पर्यावरणीय संतुलन, वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण संबंधी निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
कार्यक्रम के बाद सांसद और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अभयारण्य में सफारी भ्रमण किया तथा प्राकृतिक सुंदरता, वन संपदा और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों का अवलोकन किया।
वन विभाग के अनुसार, वर्तमान में हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत 40 पंजीकृत नेचर गाइड और 21 पंजीकृत सफारी वाहन पर्यटन गतिविधियों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। इनके अलावा अनेक स्थानीय नागरिक और व्यवसायी भी इन गतिविधियों से अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। विभाग का उद्देश्य नंधौर को प्रमुख प्रकृति एवं वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में नैनीताल कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र रूख्मी, जिला पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता पवन सिंह नेगी और मनोज खत्री सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, नेचर गाइड, सफारी वाहन संचालक, महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्य और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। वन विभाग की ओर से वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मण सिंह मेहता, एकता जोशी और जगदीश चन्द्र पंत सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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