उत्तराखंड मौसम अपडेट: पहाड़ों में बदलेगा मौसम, बारिश-तेज हवाओं का येलो अलर्ट; मैदानी इलाकों को राहत कब तक?
अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चंपावत समेत कई पहाड़ी जिलों में झमाझम बारिश की संभावना, मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर जारी
देहरादून, 22 मई 2026: Uttarakhand में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने राहत और सतर्कता दोनों को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया है।
मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का असर जारी
राज्य के देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल जैसे मैदानी जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों को दिन के समय घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है।
वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से गर्मी का असर सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक महसूस किया जा रहा है।
पर्वतीय जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र, Dehradun के अनुसार आज और आने वाले दिनों में राज्य के पर्वतीय जिलों में मौसम करवट ले सकता है।
उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अल्मोड़ा, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी और चंपावत के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
येलो अलर्ट: बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
अगले तीन दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले तीन दिनों के बाद पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली बारिश का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर भी देखने को मिलेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में बढ़ रही वनाग्नि की घटनाएं
राज्य में गर्मी बढ़ने के साथ-साथ वनाग्नि की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। 15 फरवरी से अब तक प्रदेश में 309 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनसे 257 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
इनमें गढ़वाल मंडल में सबसे अधिक घटनाएं सामने आई हैं, जबकि कुमाऊं मंडल में भी कई जंगल आग की चपेट में आए हैं। बीते कुछ दिनों में चमोली और टिहरी सहित कई जिलों से वनाग्नि की घटनाओं की सूचना मिली है।
मौसम में बदलाव से मिल सकती है राहत
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आएगी और प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि बिजली चमकने और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



SSC CGL 2026 Notification जारी, 12 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती; जानें आवेदन प्रक्रिया और पूरी डिटेल