Uttarakhand Weather Update: मानसून सक्रिय, भारी बारिश का रेड अलर्ट; अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील
उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई जिलों में रेड अलर्ट जारी है।
लगातार बारिश से भूस्खलन, जलभराव और सड़कें प्रभावित; नदियों का जलस्तर बढ़ा, लोगों से सतर्क रहने की अपील
देहरादून,10 जुलाई 2026। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई स्थानों पर भूस्खलन, जलभराव और सड़कें बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने शुक्रवार (10 जुलाई) के लिए राज्य के कई जिलों में रेड अलर्ट और शेष जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेशभर में व्यापक वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक हरिद्वार जिले के लक्सर में 104 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
इन जिलों में रेड अलर्ट, अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की भी चेतावनी दी गई है।
वहीं, राज्य के शेष जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे को मौसम की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बताया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर, कई जगह जलभराव
लगातार बारिश के कारण प्रदेश की अधिकांश नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि फिलहाल अधिकांश नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
हरिद्वार जिले में कई स्थानों पर जलभराव से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, यमुनोत्री हाईवे स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है। यहां हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
बारिश से तापमान में 4 से 8 डिग्री तक गिरावट
पिछले 24 घंटे से जारी लगातार वर्षा के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में चार से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। मैदानी क्षेत्रों में जलभराव लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, जबकि पर्वतीय जिलों में भूस्खलन से कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।
ऊधम सिंह नगर के काशीपुर और हरिद्वार के रुड़की में बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिला। उधर, नैनीताल झील का जलस्तर बढ़ने के बाद एहतियात के तौर पर झील में नौकायन भी रोक दिया गया है।
डाकपत्थर बैराज के सभी गेट खोले, 49 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा
यमुना घाटी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी उफान पर है। नदी में पीपीएम (सिल्ट) की मात्रा अत्यधिक बढ़ने पर गुरुवार देर रात डाकपत्थर बैराज के सभी गेट खोल दिए गए, जिसके बाद चेतावनी सायरन बजाकर लगभग 49 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बारिश और बढ़ी हुई सिल्ट के कारण व्यासी जल विद्युत परियोजना, ढालीपुर, ढकरानी और कुल्हाल जल विद्युत गृह में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल के अनुसार, नदी में पीपीएम की मात्रा सामान्य होते ही सभी परियोजनाओं में बिजली उत्पादन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
11 से 13 जुलाई तक भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून की सक्रियता 13 जुलाई तक बनी रहने की संभावना है। इसे देखते हुए 11, 12 और 13 जुलाई के लिए देहरादून, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना के मद्देनज़र येलो अलर्ट जारी किया गया है।
10 जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में 10 जुलाई (शुक्रवार) को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।
पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे पूरे उत्तराखंड के लिए अत्यधिक संवेदनशील रहेंगे। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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