उत्तराखंड: टीईटी अनिवार्यता पर सरकार गंभीर, 20 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने के संकेत
टीईटी अनिवार्यता पर समाधान की उम्मीद, प्रदेश के करीब 20 हजार शिक्षकों को राहत मिलने के संकेत।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को शिक्षक संगठनों से वार्ता कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, अन्य राज्यों के मॉडल का भी होगा अध्ययन।
देहरादून, 16 जून 2026। प्रदेश के लगभग 20 हजार प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से जुड़ी समस्या के समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने गंभीर पहल शुरू कर दी है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षक संगठनों के साथ व्यापक संवाद स्थापित कर व्यवहारिक एवं सुसंगत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अन्य राज्यों में टीईटी अनिवार्यता को लेकर अपनाए गए मॉडल और शिक्षकों के हित में लिए गए निर्णयों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मंगलवार को शिक्षा निदेशालय स्थित सभागार में आयोजित विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने वाले हजारों शिक्षकों की इस महत्वपूर्ण समस्या का समाधान सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श के बाद निकाला जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षक संगठनों के साथ सकारात्मक संवाद कायम कर ऐसा प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे शिक्षकों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
बैठक में शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को उच्च न्यायालय में लंबित पदोन्नति संबंधी याचिकाओं के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रभावी और ठोस पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में लंबित मामलों का समाधान होने से बड़ी संख्या में शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली को भी मजबूती मिलेगी।
डॉ. धन सिंह रावत ने आगामी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) रैंकिंग में उत्तराखंड की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए अभी से रणनीतिक तैयारी शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने लर्निंग आउटकम, शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और गवर्नेंस प्रक्रियाओं जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राज्य एवं जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित कर नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने को भी कहा।
शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यार्थी की कम से कम तीन विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा 30 जून तक विभिन्न संवर्गों में किए गए सभी अटैचमेंट (सम्बद्धीकरण) अनिवार्य रूप से समाप्त करने की कार्रवाई पूरी की जाए।
बैठक में निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, रविंद्र काला सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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