उत्तराखंड: जिम में वर्कआउट के दौरान एसओजी जवान का निधन, पुलिस विभाग में शोक
उत्तराखंड पुलिस के एसओजी जवान गिरीश भट्ट की फाइल फोटो।
फिटनेस के लिए नियमित रूप से जाते थे जिम, अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम; पुलिस महकमे में शोक की लहर
चम्पावत। उत्तराखंड पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में तैनात जवान गिरीश भट्ट की जिम में व्यायाम के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस विभाग, परिजनों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय गिरीश भट्ट पुत्र स्वर्गीय जयदेव भट्ट, वर्तमान में बनबसा के भजनपुर क्षेत्र में रह रहे थे। वह मूल रूप से पिथौरागढ़ जनपद के निवासी थे और टनकपुर स्थित उत्तराखंड पुलिस के सर्विलांस कार्यालय में एसओजी के जवान के रूप में तैनात थे। वर्ष 2006 में उत्तराखंड पुलिस में भर्ती हुए गिरीश अपनी कर्तव्यनिष्ठा और सक्रिय कार्यशैली के लिए जाने जाते थे।
बताया गया है कि शुक्रवार शाम वह रोजाना की तरह बनबसा स्थित एक जिम में वर्कआउट कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह जिम परिसर में ही गिर पड़े। वहां मौजूद लोगों और उनके साथियों ने तत्काल उन्हें संभाला और उपचार के लिए ऊधम सिंह नगर जनपद के खटीमा स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सहकर्मियों और मित्रों के अनुसार गिरीश भट्ट अपनी फिटनेस को लेकर बेहद सजग थे और पिछले करीब तीन वर्षों से नियमित रूप से जिम जाकर व्यायाम कर रहे थे। उनकी अचानक हुई मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। चिकित्सकों द्वारा प्रारंभिक तौर पर कार्डियक अरेस्ट ( हृदय गति रुकना) की आशंका जताई गई है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत चिकित्सीय जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
गिरीश भट्ट अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि क्षेत्र में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
पुलिस विभाग के अधिकारियों और सहकर्मियों ने गिरीश भट्ट को एक मेहनती, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी बताया। एसओजी में तैनाती के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों के खुलासे और अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनके निधन को उत्तराखंड पुलिस के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
घटना के बाद पुलिस विभाग, व्यापार मंडल और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गिरीश भट्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। बनबसा स्थित शारदा घाट श्मशान में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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