Uttarakhand Weather Update: कल से और तेज होगा मानसून, दो जिलों में ऑरेंज तो नौ जिलों में येलो अलर्ट
उत्तराखंड में 5 अगस्त से मानसून के और सक्रिय होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने देहरादून और बागेश्वर के लिए ऑरेंज तथा नौ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, 10 अगस्त तक प्रदेशभर में सक्रिय रहेगा मानसून; 84 सड़कें बंद, कई नदियां खतरे के निशान के करीब
देहरादून, 4 अगस्त। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 5 से 10 अगस्त तक का ताजा मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार 5 अगस्त से राज्य में मानसून की गतिविधियां और तेज होंगी। देहरादून और बागेश्वर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि नौ अन्य जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार 5 अगस्त को देहरादून और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इन दोनों जिलों में आकाशीय बिजली चमकने तथा बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर भी देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
6 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश के आसार
गुरुवार 6 अगस्त को भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पौड़ी गढ़वाल में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। अन्य पर्वतीय जिलों में तेज से अति तेज बारिश के दौर चल सकते हैं। वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
7 और 8 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
शुक्रवार 7 अगस्त को देहरादून, टिहरी गढ़वाल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की संभावना है। अन्य पर्वतीय जिलों में तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं, जबकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है।
शनिवार 8 अगस्त को रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं तीव्र से अति तीव्र वर्षा हो सकती है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
9 और 10 अगस्त तक पूरे प्रदेश में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 अगस्त को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
84 सड़कें बंद, कई नदियां खतरे के निशान के करीब
लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में भूस्खलन और मलबा आने से कुल 84 सड़कें बंद हैं। इनमें अल्मोड़ा में 1, बागेश्वर में 6, चमोली में 18, देहरादून में 6, नैनीताल में 5, पौड़ी में 6, पिथौरागढ़ में 16, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में 6 और उत्तरकाशी में 9 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। संबंधित विभाग मार्गों को खोलने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।
लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। चमोली में अलकनंदा, मंदाकिनी और पिंडर नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंचकर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के निकट पहुंचने से प्रशासन सतर्क हो गया है।
यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन से बढ़ी श्रद्धालुओं की परेशानी
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक भूस्खलन की समस्या लगातार बनी हुई है। स्यानाचट्टी क्षेत्र में लगातार हो रहे चट्टानी भूस्खलन के कारण हाईवे को सुचारु करने में दिक्कतें आ रही हैं। निर्माण एजेंसी युद्धस्तर पर मलबा हटाने में जुटी है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।
वहीं जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास एक सप्ताह बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। श्रद्धालु अब भी जोखिम उठाकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
थराली में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित
चमोली जिले के थराली क्षेत्र में सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि सड़कों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हो गई है। थराली बाजार में कीचड़ और मलबे के कारण पैदल चलना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
थराली-देवाल मोटर मार्ग केदारबगड़ में घांगली गधेरे से आए मलबे के कारण बंद हो गया है। वहीं ऊनी पुलिया के पास लगातार चट्टान से पत्थर गिरने के कारण सड़क खोलने में जेसीबी मशीनों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
थराली-कुराड़ मोटर मार्ग पर राड़ीगांव के ऊपर सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र से लगातार मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे कई वाहन मार्ग में फंस गए। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग खोलने में जुटी हुई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने बताया कि बारिश रुकते ही सभी बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने का कार्य तेज किया जाएगा।
मौसम विभाग की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग के अनुसार संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क बाधित होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा नहीं करने और खराब मौसम के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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