Uttarakhand News: अवैध मदरसों पर कार्रवाई जारी, तीन मदरसे सील; दो अन्य के संचालकों से लिया शपथ-पत्र
देहरादून में बिना पंजीकरण संचालित मदरसे को सील करते प्रशासनिक टीम के अधिकारी।
देहरादून में एक और हल्द्वानी में दो मदरसों पर सीलिंग की कार्रवाई, दो संचालकों से बिना पंजीकरण संचालन न करने का लिया लिखित शपथ-पत्र
देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड में मदरसों के संचालन से जुड़े नियमों और दस्तावेजों की जांच को लेकर प्रशासन की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में शनिवार को देहरादून और हल्द्वानी में प्रशासन की संयुक्त टीमों ने कई मदरसों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिना पंजीकरण संचालित पाए गए तीन मदरसों को सील कर दिया गया, जबकि दो अन्य मदरसों के संचालकों से बिना विधिवत पंजीकरण संचालन नहीं करने का लिखित शपथ-पत्र लिया गया।
देहरादून में एक मदरसा सील
जिला प्रशासन की टीम ने शनिवार को आजाद कॉलोनी, आईएसबीटी के समीप स्थित मदरसों का निरीक्षण किया। टीम में उप जिलाधिकारी सदर, खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शामिल रहे।
टीम ने मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया का निरीक्षण किया। प्रशासन के अनुसार, मदरसा बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया। मौके पर करीब 125 बच्चे अध्ययनरत मिले। मदरसे के संचालक मुफ्ती रईस उपस्थित नहीं थे। उनके भाई मौके पर मौजूद थे, लेकिन मदरसे से संबंधित पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद प्रशासन ने मदरसे को सील कर दिया।
दो मदरसों के संचालकों से लिया शपथ-पत्र
आजाद कॉलोनी में ही मदरसा दार-ए-अरकम का निरीक्षण किया गया। यहां पंजीकरण संबंधी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका, हालांकि मौके पर बच्चे अध्ययनरत नहीं मिले और मदरसा संचालित भी नहीं पाया गया। प्रशासन ने संचालक अब्दुल सत्तार से लिखित शपथ-पत्र/अंडरटेकिंग लिया कि विधिवत पंजीकरण के बिना मदरसे का संचालन नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा मेहूंवाला माफी स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय यहां न तो मदरसा संचालित पाया गया और न ही कोई बच्चा मौजूद था। संचालक गुलशेर से भी बिना उचित पंजीकरण मदरसा संचालित नहीं करने का लिखित शपथ-पत्र लिया गया।
हल्द्वानी में दो मदरसे सील
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में भी प्रशासन ने दस्तावेजों की जांच के दौरान दो मदरसों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और एसडीएम मोनिका के नेतृत्व में प्रशासन, शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
टीम ने सबसे पहले इंदिरा नगर बड़ी रोड स्थित एक मदरसे में पहुंचकर संचालन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद शनि बाजार रोड स्थित दूसरे मदरसे का निरीक्षण किया गया। दोनों स्थानों पर संचालकों से मान्यता, पंजीकरण और अनुमति से संबंधित अभिलेख मांगे गए, लेकिन आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद अधिकारियों ने दोनों परिसरों को सील कर दिया।
प्रशासन के अनुसार, बनभूलपुरा क्षेत्र में अब तक चार मदरसों को सील किया जा चुका है।
नियमों के अनुपालन पर प्रशासन सख्त
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में संचालित शिक्षण संस्थानों में निर्धारित मानकों और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। आवश्यक पंजीकरण अथवा अनुमति के बिना संचालित पाए जाने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से मदरसों समेत संबंधित शिक्षण संस्थानों के निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
CM धामी के स्पष्ट निर्देश, बिना मान्यता संचालन पर सख्ती
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों और आवश्यक मान्यता के बिना नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में लागू नई व्यवस्था के तहत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन भी कराया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन मदरसों के प्रबंधकों ने संचालन बंद करने की लिखित सूचना दी है। इस तरह अब तक कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें


