Uttarakhand: DIG कुमाऊं ने मतगणना में सुरक्षा व्यवस्था के लिए जारी किए निर्देश , अभेद किले में स्ट्रांग रूम
हल्द्वानी। अभेद किले में तब्दील है स्ट्रांग रूम। त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे और सीसीटीवी की कड़ी निगरानी। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और मतगणना में की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे द्वारा जारी निर्देश।
- स्ट्रांग रूम की सुरक्षा हेतु निर्देश—
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा हेतु 3 घेरे बनाए गए हैं
प्रथम घेरे में पैरामिलिट्री फोर्स द्वितीय में पीएसी तथा तृतीय में जनपद स्तर से पुलिस बल लगाया गया है
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा हेतु सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिसकी मॉनिटरिंग के लिए जनपद पुलिस से एवं प्रशासन से कर्मी नियुक्त किए गए हैं
अग्नि सुरक्षा के समस्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं
सुरक्षाकर्मियों की निगरानी के लिए पुलिस विभाग से एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो समय-समय पर कर्मियों का निरीक्षण कर निरीक्षण पुस्तिका में अंकन करेगा
सुरक्षा घेरे में लगे सभी पुलिसकर्मियों को भलीभांति ब्रीफ किया गया है
स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति स्ट्रांग रूम की परिधि में नहीं आएगा
- मतगणना में की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में दिये गये निर्देश—
संपूर्ण मतगणना स्थल का स्वयं भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था हेतु एक प्लान समय से तैयार कर ले,जिसमें मतगणना स्थल के सभी बिंदु कवर हो जाए,जहां-जहां सुरक्षाकर्मी लगाए जाने है।
मतगणना स्थल का संपूर्ण प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक/ पुलिस उपाधीक्षक स्तर का नियुक्त किया जाए।
मतगणना स्थल हेतु प्रत्येक कार्डन का प्रभारी राजपत्रित स्तर का हो।
मतगणना स्थल पर आवागमन हेतु बनाए गए रास्तों पर समुचित पुलिस प्रबंध किया जाए, जहां डायवर्जन किया जाना है वहां डायवर्जन ड्यूटी लगाई जाए।
मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस बल को मतगणना से पूर्व भली-भांति ब्रीफ कर दिया जाए तथा जिला प्रशासन से जारी पास के संबंध में उनको अवगत करा दिया जाए, कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति मतगणना स्थल में प्रवेश न करने पाये।
मतगणना स्थल के आसपास राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की भीड़ रहती है इस कारण यातायात प्लान पहले से ही बना लिया जाए तथा प्रशासन से समन्वय स्थापित कर पार्किंग की उचित व्यवस्था कर ली जाए।
मतगणना एक महत्वपूर्ण ड्यूटी है जिसकी गोपनीयता बनाए रखना भी जरूरी है,ड्यूटी में लगे पुलिस बल को निर्देशित कर दें कि वह किसी भी राजनीतिक दल के संबंध में कोई प्रतिक्रिया न करें, पुलिस का कार्य शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है, मतगणना की प्रक्रिया में कोई भी पुलिसकर्मी हस्तक्षेप नहीं करेगा।
मतगणना स्थल पर अभिसूचना इकाई के कर्मियों को ब्रीफ करने के पश्चात सूचना संकलन के लिए लगाया जाए।
मतगणना एक लंबी प्रक्रिया है इसके लिए सभी जनपद शिफ्टवार ड्यूटी लगाएं।
मतगणना के दौरान रुझान आने पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में प्रतिद्धन्दता रहती है,कतिपय असामाजिक तत्व शांति व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकते हैं,इसके लिए मतगणना स्थल के आसपास पर्याप्त पुलिस बल रखा जाए तथा रिजर्व में भी पुलिस बल रखा जाए ।कहीं भी भीड़ को एकत्र न होने दिया जाए इसके लिए शहर में मुख्य स्थानों पर ड्यूटी लगाई जाए।
विजय जुलूस के लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देशों का अनुपालन कराया जाए।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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