नैनीताल में होम स्टे पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 197 प्रतिष्ठानों पर छापे, 169 में मिली गंभीर अनियमितताएं
नैनीताल में प्रशासनिक टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में होम स्टे और गेस्ट हाउसों का औचक निरीक्षण कर नियमावली उल्लंघन पर कार्रवाई की।
44 बिना पंजीकरण संचालित मिले, नियमों के विपरीत चल रहे होम स्टे पर लाइसेंस निरस्तीकरण की तैयारी
नैनीताल/हल्द्वानी, 11 मई 2026। जनपद नैनीताल में होम स्टे नियमावली के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ा अभियान चलाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक छापामारी की। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की टीमों ने कुल 197 होम स्टे और गेस्ट हाउसों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान 197 में से 169 होम स्टे में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इनमें 44 होम स्टे बिना पंजीकरण के संचालित होते मिले, जबकि 125 प्रतिष्ठान होम स्टे नियमावली-2015 के निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित पाए गए।
जांच में कई स्थानों पर निजी पार्किंग की व्यवस्था नहीं मिली। इसके अलावा अनेक होम स्टे में स्वामी स्वयं निवासरत नहीं पाए गए। कई जगहों पर होम स्टे में निर्धारित किचन सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी और भोजन स्वामी के किचन से परोसा नहीं जा रहा था। निरीक्षण टीम को यह भी पता चला कि कुछ होम स्टे अन्य व्यक्तियों को लीज पर दिए गए हैं तथा कई प्रतिष्ठान राज्य के बाहर के लोगों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
नैनीताल शहर में एसडीएम नवाजिश खलिक और राजस्व पुलिस के नेतृत्व में तल्लीताल बूचड़खाना, प्राणी उद्यान मार्ग और मल्लीताल मोहन को चौराहा क्षेत्र में 16 होम स्टे पर छापेमारी की गई। प्रशासन के अनुसार इन सभी होम स्टे में पार्किंग, किचन और स्वामी की उपस्थिति संबंधी अनियमितताएं मिलीं और कोई भी प्रतिष्ठान नियमावली-2015 के मानकों पर खरा नहीं उतरा।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि होम स्टे नियमावली का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को रोजगार उपलब्ध कराना, स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना और राज्य की आर्थिकी को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर बाहरी प्रदेशों के लोगों द्वारा व्यवसायिक रूप से होम स्टे संचालित किए जा रहे हैं, जिससे नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ राज्य को राजस्व क्षति भी पहुंच रही है।
डीएम ने बताया कि सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अवैध और मानकों के विपरीत संचालित 169 होम स्टे व गेस्ट हाउसों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जवाब प्राप्त होने के बाद नियमानुसार लाइसेंस निरस्तीकरण सहित अन्य कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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