उत्तराखंड में अगले एक साल में पूरे होंगे कई बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट, कनेक्टिविटी और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार: मुख्यमंत्री धामी
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से बदली रफ्तार, 1.30 लाख करोड़ की परियोजनाओं पर तेजी से काम; कई हाईवे और बाईपास जल्द होंगे तैयार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में चल रहे कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट अगले एक वर्ष में पूरे होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से उत्तराखंड में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पर्यटन एवं तीर्थाटन को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद अब दिल्ली का सफर ढाई घंटे में संभव हो गया है। शुरुआती दिनों में इस आधुनिक एक्सप्रेसवे पर यात्रियों का अनुभव बेहद सकारात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क और रेल परियोजनाओं की यही रफ्तार आने वाले एक वर्ष तक जारी रहेगी।
केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में लगभग 1.30 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इनमें देहरादून के लिए महत्वपूर्ण पौंटा साहिब–देहरादून फोरलेन मार्ग शामिल है, जो लगभग पूरा हो चुका है और अगले महीने तक जनता को समर्पित किया जा सकता है।
इसके अलावा सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर लंबे छह लेन हाईवे को जून में यातायात के लिए खोले जाने की संभावना है। वहीं हरिद्वार बाईपास परियोजना का प्रथम चरण अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है, जो आगामी कुंभ मेला के दृष्टिगत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऋषिकेश बाईपास परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है, जिसके अगस्त तक शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना की लागत लगभग 1100 करोड़ रुपये है। वहीं 716 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 12 किलोमीटर लंबा झाझरा–आशारोड एलिवेटेड रोड अगले वर्ष अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कुमाऊं क्षेत्र में भी सड़क परियोजनाओं को गति दी जा रही है। रुद्रपुर फोरलेन बाईपास (1050 करोड़ रुपये) अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे शहर में जाम की समस्या काफी हद तक खत्म होगी। काशीपुर बाईपास (936 करोड़ रुपये) दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। वहीं टनकपुर–पिथौरागढ़–लिपुलेख मार्ग भी अगले एक वर्ष में पूर्ण होने की दिशा में अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप आधुनिक सड़कें किसी भी राज्य की भाग्य रेखा होती हैं। इसी दृष्टिकोण से उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से कई परियोजनाएं जल्द धरातल पर पूरी नजर आएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इसी वर्ष के अंत तक कर्णप्रयाग रेललाइन के प्रथम चरण के कार्यों का लोकार्पण कराने के प्रयास में जुटी है, जिससे राज्य में पर्यटन और तीर्थाटन को नई ऊर्जा मिलेगी।
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