Uttarakhand Accident: बरसाती पानी बना काल, खाली प्लॉट में डूबने से दो मासूम दोस्तों की दर्दनाक मौत
प्रतीकात्मक फोटो: काशीपुर में बरसाती पानी से भरे खाली प्लॉट में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत।
काशीपुर की महादेव कॉलोनी में खेलते-खेलते बरसाती पानी से भरे खाली प्लॉट में उतरे दोनों छह वर्षीय बच्चे, गहरे गड्ढे में डूबने से गई जान; जलभराव और लापरवाही के पहलुओं की जांच में जुटी पुलिस।
काशीपुर, 15 जुलाई 2026: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। महादेव कॉलोनी स्थित बरसाती पानी से भरे एक खाली भूखंड में नहाने गए दो छह वर्षीय मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे आपस में घनिष्ठ मित्र थे और घर से करीब 200 मीटर दूर खेलते-खेलते पानी से भरे प्लॉट में उतर गए, जहां गहरे पानी में समा जाने से उनकी जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतकों की पहचान देव (6 वर्ष) पुत्र राजेंद्र कश्यप और मयंक (6 वर्ष) पुत्र नन्हे के रूप में हुई है। दोनों परिवार महादेव कॉलोनी में किराये पर रहकर छोटा-मोटा रोजगार करते हैं। बुधवार दोपहर तेज गर्मी के बीच दोनों बच्चे आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान वे बरसाती पानी से लबालब भरे खाली प्लॉट में नहाने उतर गए। पानी के नीचे बने गहरे गड्ढे का उन्हें अंदाजा नहीं था और देखते ही देखते दोनों गहराई में चले गए।
करीब आधे घंटे बाद स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी मिली। एक बच्चे का शव पानी की सतह पर दिखाई देने के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय युवकों ने तत्काल दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला और काशीपुर स्थित एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया, लेकिन अस्पताल में मौजूद ईएमओ डॉ. साक्षी ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही दोनों परिवार अस्पताल पहुंच गए। अपने मासूम बच्चों के शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है।
घटना की सूचना पर तहसीलदार पंकज चंदोला, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। हादसे के बाद नगर निगम ने बुलडोजर की मदद से खाली प्लॉट में भरे पानी की निकासी शुरू कर दी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महादेव कॉलोनी के इस खाली भूखंड में लंबे समय से बरसात का पानी जमा था, जिससे वहां गहरा जलभराव हो गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था कर दी जाती या खतरनाक स्थान को सुरक्षित कर दिया जाता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक पड़ताल में माना जा रहा है कि पानी की गहराई का अनुमान न लग पाने के कारण दोनों मासूम गहरे गड्ढे में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। प्रशासन ने भी जलभराव वाले स्थानों की निगरानी बढ़ाने और ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की बात कही है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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