Lalkuan: टर्फ कार्यालय में घुसा अत्यंत विषैला करैत, वन विभाग के रेस्क्यू ऑपरेशन से टला बड़ा खतरा
बिंदुखत्ता के टर्फ कार्यालय में घुसे विषैले करैत का सफल रेस्क्यू करती वन विभाग की टीम।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद करैत का सुरक्षित रेस्क्यू, बरसात में सतर्क रहने की अपील।
लालकुआं। बिंदुखत्ता क्षेत्र के कार रोड स्थित टर्फ कार्यालय में बुधवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यालय परिसर में अत्यंत जहरीला करैत (Krait) सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टर्फ निदेशक अनिल जोशी ने तत्काल गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी चंदन अधिकारी को इसकी सूचना दी।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित पकड़ा गया करैत
सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ हरीश शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में वन विभाग की अतिरिक्त टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। सांप कार्यालय के भीतर छिपा हुआ था, जिसके चलते रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बन गया। करीब एक घंटे तक चली कड़ी मशक्कत और सतर्क अभियान के बाद टीम ने सुरक्षित तरीके से जहरीले करैत को पकड़ लिया। इसके बाद सांप को वन विभाग की अभिरक्षा में लेकर सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
रेस्क्यू अभियान के दौरान सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ हरीश शर्मा ने बताया कि पकड़ा गया सांप करैत प्रजाति का है, जिसे भारत के सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है। उन्होंने बताया कि करैत का विष अत्यंत घातक होता है और यह अक्सर रात के समय सक्रिय रहता है। कई बार यह घरों में घुसकर बिस्तरों या अन्य छिपे स्थानों तक पहुंच जाता है, जिससे अनजाने में इसके संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है।
वन विभाग की अपील: सांप दिखे तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें
हरीश शर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में करैत सहित अन्य जहरीले सांप आबादी वाले क्षेत्रों में अधिक निकलते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने अपील की कि यदि कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू कर सके।
उन्होंने बताया कि अब तक वह 1,812 से अधिक सांपों का सफल रेस्क्यू कर चुके हैं। इस अभियान में राजेंद्र प्रसाद जोशी, दीपक भंडारी, फॉरेस्टर दीपचंद आर्य और दीपा शाह सहित वन विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वन विभाग ने भी लोगों से बरसात के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत विभाग से संपर्क करने की अपील की।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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