केदारनाथ धाम के कपाट खुले, “हर-हर महादेव” से गूंजा धाम; सीएम धामी बने साक्षी.Video
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले कपाट, सीएम धामी ने की पूजा-अर्चना; फूलों से सजे धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

रुद्रप्रयाग, 22 अप्रैल 2026। श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की त्रिवेणी के प्रतीक विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार प्रातः विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में जैसे ही कपाट खुले, पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के जयघोष से गूंज उठा। लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर भाव-विभोर हो उठे।
मुख्यमंत्री धामी रहे साक्षी
इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। सेना की सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच कपाट उद्घाटन का क्षण और भी अलौकिक बन गया।
आस्था और संस्कृति का प्रतीक धाम
मुख्यमंत्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम न केवल सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।
यात्रा को लेकर व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य भाव बनाए रखने की अपील भी की।
पुनर्निर्माण से बढ़ा आकर्षण
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण हुआ है, जो आज विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
फूलों से सजा दिव्य धाम
कपाट उद्घाटन के अवसर पर श्री केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।
परंपराओं के साथ हुई पूजा-अर्चना
कपाट खुलने की प्रक्रिया प्रातः 5 बजे से शुरू हुई। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए एक दिन पूर्व धाम पहुंची थी।
प्रातः 8 बजे रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी. गंगाधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधायक आशा नौटियाल, तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती सहित धर्माचार्यों और वेदपाठियों ने गर्भगृह में प्रवेश कर विधिवत पूजा-अर्चना की। देव आवाहन और लोककल्याण के संकल्प के साथ कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
इस अवसर पर श्रीमती गीता धामी, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, तीर्थ पुरोहित और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे धाम में भक्ति, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस दिव्य क्षण को और भी यादगार बना दिया।
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