अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: बागेश्वर में ‘कोशिश–एक नई आशा’ थाना दिवस, महिलाओं की शिकायतों का समाधान व सम्मान
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे और एसपी जितेन्द्र मेहरा ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं, विकास भवन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्मानित
बागेश्वर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को बागेश्वर थाने में ‘कोशिश–एक नई आशा’ थीम के अंतर्गत थाना दिवस का आयोजन किया गया। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को समर्पित इस कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के निर्देश दिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने की। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा ने संयुक्त रूप से महिलाओं की शिकायतें सुनीं और उनके गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने कहा कि प्रशासन महिलाओं को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। थाना दिवस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी महिला को अपनी बात रखने में संकोच न हो और उन्हें त्वरित न्याय मिल सके। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा सम्मानित भी किया गया।
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा ने कहा कि बागेश्वर पुलिस के लिए महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘कोशिश–एक नई आशा’ अभियान के माध्यम से महिलाओं में विश्वास और सुरक्षा की भावना को और सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
थाना दिवस के दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर अपराधों से बचाव, महिला हेल्पलाइन सेवाओं की उपयोगिता तथा छेड़छाड़ जैसे अपराधों की स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के संबंध में विधिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कुल 08 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर पुलिस अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

बागेश्वर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विकास भवन सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने कहा कि महिला समाज और परिवार की धुरी है, लेकिन दूसरों का जीवन संवारने के साथ-साथ उन्हें अपने अस्तित्व और स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहना होगा।
‘राइट, जस्टिस, एक्शन फॉर ऑल वीमेन एंड गर्ल्स’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में समाज के प्रति उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने दुगबाजार की आंगनबाड़ी कार्यकत्री राहिला तबस्सुम, अखर की गीता कोरंगा तथा मन्यूडा की खष्टी राना को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रहीं मंडलसेरा की रेखा पंचवाल और कांडा की शोभा पांडे ने अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा किए, जिन्होंने उपस्थित जनों को प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड की नारी शक्ति अद्वितीय है। महिलाओं के अदम्य साहस और संघर्ष की बदौलत ही समाज आगे बढ़ रहा है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों और क्षमताओं के प्रति जागरूक रहने तथा एक-दूसरे के अनुभवों से सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने कहा कि महिलाएं आर्थिक और शैक्षणिक रूप से आगे बढ़ी हैं, लेकिन सामाजिक स्तर पर अभी भी भेदभाव की चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मंजुलता यादव ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए महिलाओं को हर स्तर पर सहयोग और मार्गदर्शन का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, खान अधिकारी नाजिया हसन सहित विभिन्न विभागों की महिला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र कुमार ने किया।
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